मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अब अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच भी हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। रमजान के पवित्र महीने के आखिरी दिनों में पाकिस्तान द्वारा किए गए कथित हवाई हमलों ने दोनों देशों के रिश्तों को और ज्यादा तनावपूर्ण बना दिया है। अफगान प्रशासन का आरोप है कि, पाकिस्तानी एयरफोर्स ने काबुल, कंधार, पक्तिया और पक्तिका सहित कई इलाकों में एयरस्ट्राइक कर नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया।
इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कई लोगों की मौत होने का दावा किया गया है। वहीं दूसरी ओर तालिबान सरकार ने पाकिस्तान पर क्रूर आक्रामकता का आरोप लगाते हुए बदला लेने की कसम खाई है। इससे पूरे क्षेत्र में एक नई सैन्य टकराव की आशंका बढ़ गई है।
अफगानिस्तान के प्रशासन और तालिबान अधिकारियों ने दावा किया है कि, पाकिस्तान की वायुसेना ने देश के कई हिस्सों में भीषण हवाई हमले किए। इन हमलों का निशाना राजधानी काबुल के अलावा दक्षिणी शहर कंधार और पूर्वी प्रांत पक्तिया तथा पक्तिका बताए जा रहे हैं।
अफगान अधिकारियों के मुताबिक, इन एयरस्ट्राइक में रिहायशी इलाकों को भी नुकसान पहुंचा है। कई घर पूरी तरह से तबाह हो गए हैं और स्थानीय लोगों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
अफगान प्रशासन का कहना है कि, इन हमलों में आम नागरिकों को निशाना बनाया गया, जिससे कई महिलाओं और बच्चों की मौत हो गई। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इन दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अफगान अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तानी विमानों ने कंधार हवाई अड्डे के पास स्थित निजी एयरलाइन कंपनी काम एयर के फ्यूल डिपो को भी निशाना बनाया। यह डिपो नागरिक एयरलाइनों के अलावा संयुक्त राष्ट्र के विमानों को भी ईंधन की आपूर्ति करता है। ऐसे में इस स्थान पर हमले से क्षेत्रीय हवाई संचालन और मानवीय मिशनों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, हमले के बाद इलाके में भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने पड़े।
अफगान अधिकारियों ने बताया कि, कुछ जगहों पर पाकिस्तानी विमानों ने खाली रेगिस्तानी इलाकों और निर्जन क्षेत्रों में भी बमबारी की। हालांकि, इसका उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये हमले संभवतः सैन्य ठिकानों या संभावित छिपे ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किए गए होंगे।
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तालिबान सरकार ने पाकिस्तान की इस सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। सरकारी प्रवक्ता द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि रमजान के आखिरी दस दिनों और ईद जैसे पवित्र त्योहार के करीब इस तरह के हमले करना बेहद अमानवीय है। तालिबान ने इसे “घिनौना अपराध” और “खुली आक्रामकता” बताते हुए कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन किया है।
बयान में कहा गया कि, यह हमला दिखाता है कि पाकिस्तान का शासन किसी भी मानवीय सिद्धांत या नैतिक मूल्यों का सम्मान नहीं करता।
पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के बाद तालिबान सरकार का रुख बेहद आक्रामक नजर आ रहा है। अफगान प्रवक्ता ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस हमले का जवाब दिए बिना नहीं रहा जाएगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को इस कार्रवाई की कीमत चुकानी पड़ेगी। तालिबान के इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
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हालिया एयरस्ट्राइक कोई पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ समय से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ दिन पहले भी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कई इलाकों में हवाई हमले किए थे। उस समय पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने कहा था कि यह कार्रवाई अफगान तालिबान सरकार के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर की गई थी। पाकिस्तान का दावा था कि अफगान सीमा के पास सक्रिय उग्रवादी संगठनों के खिलाफ यह कार्रवाई जरूरी थी।
अफगान प्रशासन ने दावा किया कि, उन्होंने पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक का मुंहतोड़ जवाब दिया है। अफगान सेना के मुताबिक जवाबी कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। इसके अलावा अफगान बलों ने पाकिस्तान की 19 सैन्य चौकियों पर कब्जा करने का भी दावा किया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है और पाकिस्तान की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि यह तनाव ऐसे समय में बढ़ रहा है जब मिडिल ईस्ट में पहले से ही बड़े स्तर पर संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव की वजह से तेल बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है। ऐसे में अफगानिस्तान-पाकिस्तान संघर्ष क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन सकता है। यदि यह टकराव आगे बढ़ता है तो इसका असर पूरे दक्षिण एशिया और मध्य एशिया की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव की जड़ें कई साल पुरानी हैं। दोनों देशों के बीच डूरंड लाइन सीमा को लेकर विवाद रहा है। इसके अलावा पाकिस्तान अक्सर अफगानिस्तान पर सीमा पार से आतंकी गतिविधियों को रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाता रहा है। वहीं अफगानिस्तान का कहना है कि पाकिस्तान उसकी संप्रभुता का बार-बार उल्लंघन करता है और सीमा क्षेत्रों में सैन्य कार्रवाई करता रहता है।