ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने सत्ता संभालने के बाद पहली बार देश के नाम संदेश जारी किया है। गुरुवार को यह बयान ईरान के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित किया गया, जिसमें एक एंकर ने उनका संदेश पढ़कर सुनाया। अपने संदेश में खामेनेई ने दुश्मनों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान अपने हर शहीद का बदला लेगा। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने की भी चेतावनी दी है। जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ सकती है।
अपने संदेश में मोजतबा खामेनेई ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज की खाड़ी को बंद रखने का विकल्प इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि युद्ध की स्थिति बनी रहती है तो अन्य मोर्चे खोलने पर भी विचार किया गया है और जरूरत पड़ने पर उन्हें सक्रिय किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ईरान के लड़ाकों ने कठिन परिस्थितियों में भी दुश्मन के खिलाफ मजबूती से जवाब दिया है और देश की सुरक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
खामेनेई ने अपने संदेश में कहा कि ईरान अपने नागरिकों और सैनिकों की मौत का बदला जरूर लेगा। उन्होंने कहा कि दुश्मनों के खिलाफ कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक हर शहीद के खून का हिसाब नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि यदि विरोधी देश मुआवजा देने से इनकार करते हैं तो ईरान उनके संसाधनों को नुकसान पहुंचाने से भी पीछे नहीं हटेगा।
अपने संदेश में खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन देशों के हमलों से ईरानी जनता को नुकसान हुआ है और इसका जवाब दिया जाएगा। उन्होंने खाड़ी क्षेत्र के देशों से भी अपील की कि वे अपने यहां मौजूद विदेशी सैन्य ठिकानों पर दोबारा विचार करें। खामेनेई ने कहा कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे भी संभावित लक्ष्य बन सकते हैं यदि संघर्ष बढ़ता है।
अपने बयान में मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता की शहादत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अपने पिता के पार्थिव शरीर को देखने का उन्हें सम्मान मिला और उन्होंने उन्हें एक मजबूत नेता के रूप में याद किया।
ये भी पढ़ें: OBC Creamy Layer: सिर्फ इनकम से तय नहीं होगी क्रीमी लेयर, OBC रिजर्वेशन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
खामेनेई ने अपने संदेश में अपनी मौजूदा लोकेशन का खुलासा नहीं किया। माना जा रहा है कि सुरक्षा कारणों से वह किसी सुरक्षित स्थान से यह संदेश दे रहे हैं। संदेश प्रसारित होने के कुछ ही मिनट बाद ईरान की राजधानी तेहरान में फिर से हवाई हमलों की आवाजें सुनी गई जिससे क्षेत्र में जारी तनाव और अधिक बढ़ गया।