मंत्री शाह ने चौथी बार मांगी माफी :वीडियो जारी कर बोले- किसी महिला का अपमान करना मेरा उद्देश्य नहीं था

भोपाल। कर्नल सोफिया को लेकर दिए गए बयान के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से दो दिन पहले प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने एक बार फिर पब्लिकली माफी मांगी है। उन्होंने इस संबंध में सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी किया। अपने बयान में विजय शाह ने कहा कि उनका कभी भी किसी महिला अधिकारी, भारतीय सेना या समाज के किसी वर्ग का अपमान करने का इरादा नहीं था।
शाह- उत्तेजना में निकले थे शब्द
उन्होंने स्पष्ट किया कि विवादित शब्द उनकी वास्तविक भावना को नहीं दर्शाते थे और वे देशभक्ति के जोश, भावनात्मक उत्तेजना और आवेश में निकल गए थे। मंत्री ने कहा कि किसी भी गलती का मूल्यांकन करते समय उसके पीछे की भावना को भी समझा जाना चाहिए। विजय शाह ने यह भी कहा कि उनकी ओर से किसी प्रकार की दुर्भावना नहीं थी और वे पहले भी कई बार इस विषय पर क्षमा मांग चुके हैं।
पूरा मामला मेरे लिए काफी पीड़ादायक- मंत्री
उन्होंने दोहराया कि यह पूरा प्रकरण उनके लिए मानसिक रूप से बेहद पीड़ादायक रहा है और एक छोटी सी चूक के कारण इतना बड़ा विवाद खड़ा हो गया। मंत्री ने भरोसा जताया कि उनके बयान को सही संदर्भ में देखा जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के प्रति उनके मन में हमेशा सम्मान रहा है और आगे भी रहेगा।
महू में दिया था विवादित बयान
पिछले साल 11 मई को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री विजय शाह संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा था- 'उन्होंने (आतंकियों ने) कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।'
शाह ने आगे कहा- ‘अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। देश का मान-सम्मान और हमारी बहनों के सुहाग का बदला तुम्हारी जाति, समाज की बहनों को पाकिस्तान भेजकर ले सकते हैं।’











