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भारत का है PoK और अक्साई चीन…ट्रेड डील के बाद अमेरिका ने शेयर किया INDIA का पूरा मैप, सोशल मीडिया पर वायरल

भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील के फ्रेमवर्क के ऐलान के साथ अमेरिकी ट्रेड ऑफिस द्वारा जारी भारत के नक्शे ने कूटनीतिक हलचल बढ़ा दी है। इस नक्शे में PoK और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया गया है, जिसे पाकिस्तान के लिए कड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
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ट्रेड डील के बाद अमेरिका ने शेयर किया INDIA का पूरा मैप, सोशल मीडिया पर वायरल
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    वॉशिंगटन डीसी। भारत और अमेरिका के बीच घोषित अंतरिम व्यापार समझौते ने जहां आर्थिक मोर्चे पर नई उम्मीदें जगाई हैं, वहीं इस डील के साथ सामने आई एक और बात ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल पैदा कर दी है। अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस (USTR) द्वारा साझा किए गए भारत के आधिकारिक नक्शे ने पाकिस्तान को असहज कर दिया है और दक्षिण एशिया की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। इस नक्शे में न केवल पूरा जम्मू-कश्मीर, बल्कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अक्साई चीन को भी भारत का हिस्सा दिखाया गया है।

    हालांकि भारत की क्षेत्रीय संप्रभुता किसी बाहरी देश की मान्यता पर निर्भर नहीं करती, लेकिन अमेरिका जैसे वैश्विक ताकतवर देश द्वारा इस तरह का नक्शा जारी किया जाना कूटनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। यह कदम ऐसे समय आया है, जब भारत-अमेरिका संबंध एक बार फिर नई दिशा में आगे बढ़ते दिख रहे हैं।

    भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील का ऐलान

    भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को एक अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement – ITA) के फ्रेमवर्क की घोषणा की। यह समझौता लंबे समय से चल रही व्यापारिक खींचतान के बाद सामने आया है।

    इस फ्रेमवर्क के तहत-

    • भारतीय उत्पादों पर अमेरिका द्वारा लगाया गया टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।
    • रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स हटाया गया।
    • कई संवेदनशील क्षेत्रों में भारत की ‘रेड लाइन’ को स्वीकार किया गया।

    इस डील को मार्च के मध्य तक औपचारिक रूप से साइन किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

    अमेरिकी ट्रेड ऑफिस ने क्यों जारी किया भारत का नक्शा?

    ट्रेड डील की जानकारी साझा करते समय अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस ने भारत का एक आधिकारिक नक्शा भी जारी किया। यही नक्शा अब चर्चा का केंद्र बन गया है। इस नक्शे में पूरा जम्मू-कश्मीर, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अक्साई चीन को स्पष्ट रूप से भारत का हिस्सा दिखाया गया है। यह नक्शा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इसके राजनीतिक-कूटनीतिक मायने निकाले जाने लगे।

    पहले के अमेरिकी नक्शों से कैसे अलग है यह नक्शा?

    अब तक अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों द्वारा जारी नक्शों में PoK जैसे विवादित क्षेत्रों को अक्सर अलग रंग, डॉटेड लाइन या विवादित क्षेत्र के तौर पर दिखाया जाता रहा है। इसका मकसद भारत और पाकिस्तान दोनों की आपत्तियों के बीच संतुलन बनाए रखना होता था।

    लेकिन ट्रंप प्रशासन के दौरान जारी इस नए नक्शे में-

    • पाकिस्तान के दावों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।
    • भारत की सीमाओं को बिना किसी शर्त के दर्शाया गया।

    यही वजह है कि इसे अमेरिका के पुराने रुख से अलग माना जा रहा है।

    भारत के लिए क्यों अहम है यह कदम?

    भारत हमेशा से यह स्पष्ट करता आया है कि जम्मू-कश्मीर उसका अभिन्न अंग है और इस पर उसकी संप्रभुता पूरी तरह स्थापित है। भारत का मानना है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) उसका वह हिस्सा है, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है और इसे किसी भी सूरत में वैध नहीं माना जा सकता। इसी तरह भारत यह भी दोहराता रहा है कि अक्साई चिन लद्दाख का अभिन्न हिस्सा है, जिस पर चीन ने अवैध कब्जा किया हुआ है। भारत की यह स्थिति ऐतिहासिक दस्तावेजों, संवैधानिक प्रावधानों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार रखे गए आधिकारिक बयानों पर आधारित रही है।

    भारत का विदेश मंत्रालय पहले भी कई बार अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और देशों द्वारा जारी नक्शों में गलत प्रस्तुति पर कड़ी आपत्ति दर्ज करा चुका है। ऐसे में अमेरिकी ट्रेड ऑफिस द्वारा जारी यह नक्शा भारत की लंबे समय से उठाई जा रही आपत्तियों को स्वीकार करने जैसा माना जा रहा है।

    पाकिस्तान के लिए क्यों असहज है यह नक्शा?

    यह नक्शा पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। PoK को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच दशकों से विवाद चला आ रहा है। पाकिस्तान इसे ‘आजाद कश्मीर’ कहता है और वहां अपनी तरह की सरकार चलाता है। हाल के महीनों में पाकिस्तान ने कूटनीतिक स्तर पर काफी सक्रियता दिखाई थी।

    सेना प्रमुख असीम मुनीर तीन बार अमेरिका गए, ट्रंप से दो बार मुलाकात हुई। जून में हुई लंच मीटिंग ने काफी सुर्खियां बटोरीं। ऐसे माहौल में अमेरिका की ओर से PoK को भारत का हिस्सा दिखाना पाकिस्तान के दावों को कमजोर करता नजर आता है।

    PoK विवाद का पूरा बैकग्राउंड

    1947: विभाजन और विलय

    विभाजन के समय जम्मू-कश्मीर एक रियासत थी। पाकिस्तान समर्थित कबायली हमले के बाद महाराजा हरि सिंह ने 26 अक्टूबर 1947 को भारत के साथ विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए।

    1947-48: पहला भारत-पाक युद्ध

    युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के पश्चिमी और उत्तरी हिस्से पर कब्जा कर लिया, जिसे बाद में PoK कहा गया।

    1949: युद्धविराम और LoC

    संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ और लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) बनी।

    भारत का रुख

    भारत पूरे जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न अंग मानता है और PoK को अवैध कब्जा बताता है।

    पाकिस्तान का रुख

    पाकिस्तान UN प्रस्तावों और जनमत संग्रह की बात करता रहा है।

    अक्साई चीन... भारत-चीन विवाद का संवेदनशील मोर्चा

    अक्साई चीन लद्दाख के पूर्वोत्तर हिस्से में स्थित लगभग 38,000 वर्ग किलोमीटर का इलाका है। यह क्षेत्र तिब्बत को शिनजियांग से जोड़ने का अहम रास्ता देता है। चीन की सामरिक रणनीति के लिए बेहद अहम है।

    ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

    • 1865 की जॉनसन लाइन में अक्साई चीन भारत में दिखाया गया।
    • 1950 के दशक में चीन ने यहां सड़क बनाई।
    • 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद चीन ने इस पर नियंत्रण बनाए रखा।

    भारत आज भी इसे अपना हिस्सा मानता है और चीन के कब्जे को अवैध बताता है।

    विशेषज्ञों और रणनीतिक विश्लेषकों की प्रतिक्रिया

    इस नक्शे को लेकर रणनीतिक विशेषज्ञों ने इसे बड़ा संकेत बताया है। रिटायर्ड मेजर गौरव आर्य ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह अमेरिका की ओर से एक मजबूत संदेश है। एक पत्रकार ने टिप्पणी करते हुए कहा कि, ट्रेड डील भले ही अहम हो, लेकिन असली गेमचेंजर यही नक्शा है, जो क्षेत्रीय राजनीति को नया मोड़ दे सकता है।

    ट्रेड डील से भारत को क्या-क्या फायदे?

    टैरिफ में बड़ी कटौती

    भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी टैक्स 50% से घटाकर 18% किया गया।

    जीरो टैरिफ सेक्टर

    • जेनेरिक दवाएं
    • रत्न और हीरे
    • विमान पार्ट्स

    MSME और किसानों को फायदा

    30 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी बाजार तक बेहतर पहुंच।

    निर्यात सेक्टर को बढ़ावा

    • टेक्सटाइल और कपड़े
    • चमड़ा और जूते
    • प्लास्टिक और रबर
    • ऑर्गेनिक केमिकल
    • होम डेकोर और हस्तशिल्प

    रोजगार की संभावनाएं

    महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार की उम्मीद।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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