कुआलालंपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मलेशिया के दो दिवसीय दौरे पर कुआलालंपुर पहुंचे, जहां उनका स्वागत असाधारण गर्मजोशी के साथ किया गया। एयरपोर्ट पर मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम स्वयं उन्हें लेने पहुंचे और इसके बाद पीएम मोदी को अपनी ही कार में बैठाकर साथ ले गए। यह दृश्य भारत–मलेशिया संबंधों की नजदीकी और आपसी सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। दौरे के पहले ही दिन प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा, मैंने मलेशिया आकर अपना वादा पूरा किया। मलेशिया में भारत के लिए बहुत सम्मान और प्यार है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने मलेशिया में भारतीय संस्कृति की गहरी जड़ों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय फिल्में और तमिल गाने मलेशिया में बेहद लोकप्रिय हैं और मन की बात में भी मैंने मलेशिया का जिक्र किया। पीएम मोदी ने बताया कि मलेशिया के 500 स्कूलों में भारतीय भाषाओं में पढ़ाई होती है, जो दोनों देशों के सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत बनाती है। उन्होंने कहा, भारत और मलेशिया की संस्कृति बहुत पुरानी है। तमिल संस्कृति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, तमिल की संस्कृति ग्लोबल है। साथ ही उन्होंने गर्व से कहा, मैं गर्व से कह सकता हूं कि हमारे उपराष्ट्रपति डॉ. सीपी राधाकृष्णन, हमारे विदेश मंत्री एस जयशंकर और हमारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जैसे कई दिग्गज नेता तमिलनाडु से आते हैं।
भारत और मलेशिया के द्विपक्षीय संबंधों पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों का रिश्ता अब नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले साल जब मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम नई दिल्ली आए थे, तब रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा, हम एक-दूसरे की सफलता का जश्न मनाते हैं। उन्होंने आगे कहा, जब प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने चंद्रयान-2 की सफलता पर अपनी शुभकामनाएं दीं, तो मुझे बहुत अच्छा लगा। भारत की सफलता मलेशिया की सफलता है। यह एशिया की सफलता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की तेज आर्थिक और तकनीकी प्रगति पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, भारत का यूपीआई मलेशिया में बहुत जल्द आ रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि बीते एक दशक में भारत ने एयरपोर्ट से लेकर वंदेभारत ट्रेनों तक अभूतपूर्व विकास किया है। कार्यक्रम स्थल पर ‘मोदी–मोदी’ के नारों के बीच उन्होंने कहा, भारत बहुत जल्द दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाला है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल नेटवर्क और इंटर-इकोसिस्टम तैयार कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने भारत की वैश्विक व्यापारिक भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत ने यूएई, ओमान, न्यूजीलैंड, यूरेशिया, यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ बड़े व्यापार समझौते किए हैं और भारत दुनिया में विश्वसनीय व्यापार साझेदार बन गया है। भरोसा भारत की सबसे बड़ी पूंजी है।
भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, विकसित भारत बना कर रहेंगे कि नहीं रहेंगे? अपने सपनों को साकार करेंगे या नहीं करेंगे? हम संकल्पों को सिद्ध करके रहेंगा या नहीं। इस पर लोगों ने एक स्वर में समर्थन जताया? पीएम मोदी ने यह भी घोषणा की, हम मलेशिया में नया कांसुलेट खोलेंगे। उन्होंने कहा कि इससे अप्रवासी भारतीयों को बड़ी राहत मिलेगी और बताया कि आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बन चुका है।