कहां- कहां हुई छापेमारी?
ED की इस कार्रवाई के तहत कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया। छापेमारी में बुदबुद थाना के नवनियुक्त प्रभारी (ओसी) मनोरंजन मंडल का आवास भी शामिल रहा। उल्लेखनीय है कि वह अभी औपचारिक रूप से अपना पदभार संभाल नहीं पाए थे। इससे पहले बराबनी थाना में तैनाती के दौरान उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, जिसके चलते उन्हें निलंबित किया गया था। बाद में वह आसनसोल पुलिस की स्पेशल ब्रांच से जुड़े और हाल ही में उनकी बहाली हुई थी, लेकिन ईडी की छापेमारी के बाद उनकी नियुक्ति एक बार फिर विवादों में घिर गई है।
अवैध रेत और कोयला कारोबारियों के घरों पर हुई तलाशी
इसके अलावा, ईडी ने रेत और कोयले के कारोबार से जुड़े कई व्यापारियों के घरों और कार्यालयों पर भी तलाशी ली। दुर्गापुर के सेपको इलाके में रेत कारोबारी प्रबीर दत्ता, जो केके मिनरल्स के मालिक हैं, और उनके भाई अमित दत्ता के आवासों पर छापेमारी की गई। केके मिनरल्स कंपनी बांकुड़ा के साथ-साथ पश्चिम और पूर्व बर्धमान जिलों में रेत खदानों का संचालन करती है, जबकि इसके कार्यालय पानागढ़ में स्थित हैं।
दिल्ली तक छापेमारी, अधिकारी बोले- आई-पैक से अलग है मामला
ईडी की कार्रवाई सिर्फ पश्चिम बर्धमान तक सीमित नहीं रही। पानागढ़ में रेत कारोबारी शेख हाशिम मिर्जा बेग, अंडुल के भक्तारनगर इलाके में शेख किरण मंडल और पांडाबेश्वर में कोयला कारोबारी शेख मइजुल के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई। इन सभी जगहों पर टीमों ने दस्तावेज और लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले।
इसके अलावा कोलकाता और दिल्ली में भी कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान जारी रहा। ईडी अधिकारियों का कहना है कि यह मामला अलग है और इसका पिछले महीने कोलकाता में आई-पैक के दफ्तर पर हुई छापेमारी वाले कोयला घोटाले से कोई सीधा संबंध नहीं है।




















