Operation Sindoor : शशि थरूर को डेलिगेशन की कमान मिलने पर कांग्रेस ने जताई नाराजगी, कहा- हमने उनका नाम नहीं दिया था

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को वैश्विक मंचों पर मजबूती से रखने के लिए 7 सर्वदलीय सांसदों के डेलिगेशन गठित किए हैं। इन डेलिगेशन का मुख्य उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सदस्य देशों सहित प्रमुख वैश्विक राजधानियों में भारत का पक्ष स्पष्ट करना है। शनिवार को संसदीय कार्य मंत्रालय ने जिन सांसदों को डेलिगेशन का नेतृत्व सौंपा है, उनके नाम जारी किए। इनमें शशि थरूर (कांग्रेस), रविशंकर प्रसाद (भाजपा), बैजयंत पांडा (भाजपा), संजय कुमार झा (जदयू), कनिमोझी करुणानिधि (DMK), सुप्रिया सुले (NCP-शरद पवार गुट) और श्रीकांत एकनाथ शिंदे (शिवसेना-शिंदे गुट) शामिल हैं।
जयराम रमेश के अनुसार, कांग्रेस ने जिन चार सांसदों के नाम सुझाए वे थे, आनंद शर्मा, गौरव गोगोई, डॉ. सैयद नसीर हुसैन और राजा बरार। लेकिन सरकार ने इनमें से किसी को नहीं चुना और एक अलग नाम शशि थरूर को डेलिगेशन का नेतृत्व सौंप दिया।
कांग्रेस ने जताई आपत्ति, कहा- थरूर का नाम नहीं दिया था
हालांकि डेलिगेशन में शशि थरूर को शामिल किए जाने पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता विपक्ष राहुल गांधी से डेलिगेशन के लिए 4 नाम मांगे थे।
जयराम रमेश के अनुसार, कांग्रेस ने जिन चार सांसदों के नाम सुझाए वे थे, आनंद शर्मा, गौरव गोगोई, डॉ. सैयद नसीर हुसैन और राजा बरार। लेकिन सरकार ने इनमें से किसी को नहीं चुना और एक अलग नाम शशि थरूर को डेलिगेशन का नेतृत्व सौंप दिया।
शशि थरूर बोले- सम्मानित महसूस कर रहा हूं
वहीं, कांग्रेस की नाराजगी के बावजूद शशि थरूर ने इस दायित्व के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने X पर लिखा, “मैं हाल की घटनाओं पर हमारे देश का दृष्टिकोण रखने के लिए पांच प्रमुख देशों की राजधानियों में एक सर्वदलीय डेलिगेशन का नेतृत्व करने के लिए भारत सरकार के निमंत्रण से सम्मानित महसूस कर रहा हूं। जब राष्ट्रीय हित की बात होगी और मेरी सेवाओं की जरूरत होगी, तो मैं पीछे नहीं हटूंगा।”





















