‘सिर्फ 3 देशों ने दिया PAK का साथ...’, PM मोदी बोले – अब भारत हमला नहीं सहता, घुसकर मारता है; कांग्रेस को सेना पर भरोसा नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जारी बहस में हिस्सा लेने पहुंचे। उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और कहा कि पाकिस्तान को दुनिया में सिर्फ तीन देशों का समर्थन मिला, लेकिन कांग्रेस ने हमारी सेना का साथ नहीं दिया।
जनता का आभार, सेना को खुली छूट दी – पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मुझे जनता का भरपूर समर्थन मिला। ये मेरे लिए आशीर्वाद है, इसके लिए मैं देशवासियों को धन्यवाद देता हूं।’ उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल को जब पहलगाम में आतंकी हमला हुआ, वे विदेश में थे। लौटते ही उन्होंने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई और सेना को आतंकियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। ‘हमने सेना को खुली छूट दी, और हमें उनकी क्षमता पर पूरा भरोसा था।’
22 मिनट में लिया बदला, पाकिस्तान कुछ नहीं कर पाया
मोदी ने कहा, ‘हमने 6 और 7 मई की रात को आतंकियों को ऐसा जवाब दिया, जो उन्होंने सोचा भी नहीं था। हमने 22 अप्रैल का बदला 22 मिनट में ले लिया। जहां पहले कभी हमला नहीं हुआ, वहां जाकर मारा। आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। आज भी पाकिस्तान के एयरबेस आईसीयू में पड़े हैं।’
न्यूक्लियर धमकियों को झूठा साबित किया
उन्होंने बताया कि हमले के बाद पाकिस्तान ने परमाणु हमले की धमकी दी थी, लेकिन भारत ने किसी धमकी से डरने के बजाय जवाबी प्रहार किया। ‘हमने साबित कर दिया कि अब भारत झुकेगा नहीं। जो करेगा, भारत उसके घर में घुसकर मारेगा।’
दुनिया ने दिया साथ, लेकिन कांग्रेस पीछे हटी
पीएम मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत को अमेरिका, ब्रिक्स, क्वॉड समेत लगभग सभी देशों का समर्थन मिला। ‘संयुक्त राष्ट्र के 193 देशों में से सिर्फ 3 ने पाकिस्तान के पक्ष में बात की। लेकिन दुर्भाग्य है कि कांग्रेस को हमारी सेना पर भरोसा नहीं था।’
‘नई नीति, नया भारत – हम शर्तों पर लड़ते हैं’
मोदी बोले – ‘अब भारत का रुख साफ है – गोली का जवाब गोले से दिया जाएगा। आतंक का अड्डा जहां होगा, वहीं पर हमला होगा। ये नया भारत है, और यह ‘न्यू नॉर्मल’ है।’
'सेना पर सवाल उठाने वालों को जनता माफ नहीं करेगी'
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि ‘कुछ लोग सेना की बहादुरी पर शक कर रहे हैं। उन्हें हेडलाइन तो मिल सकती है, लेकिन देशवासियों का भरोसा नहीं।’











