बस किराए में 75% बढ़ोतरी पर NSUI का हल्लाबोल; कलेक्टर को ज्ञापन, राहत नहीं मिली तो उग्र आंदोलन की चेतावनी

सीहोर। बस किराए में लगातार हो रही बढ़ोतरी के खिलाफ सोमवार को सीहोर में छात्र राजनीति गरमा गई। बढ़े हुए किराए से परेशान छात्र-छात्राओं की समस्याओं को लेकर NSUI जिला अध्यक्ष हरिओम सिसोदिया के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र-छात्राएं और NSUI कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर तत्काल राहत की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी कि यदि किराए में कमी नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
75 प्रतिशत बढ़ोतरी का आरोप, छात्रों पर सीधा आर्थिक हमला
NSUI नेताओं का कहना है कि बस किराए में करीब 75 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी ने ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों से रोजाना सीहोर आने वाले विद्यार्थियों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। पहले ही शिक्षा, किताबों, परीक्षा और आने-जाने का खर्च वहन कर रहे विद्यार्थियों के लिए बढ़ा हुआ किराया अब बड़ी आर्थिक चुनौती बन गया है।
गांवों से रोज अप-डाउन करने वाले विद्यार्थी सबसे ज्यादा प्रभावित
छात्र नेताओं ने बताया कि सीहोर शहर में बड़ी संख्या में विद्यार्थी आसपास के गांवों और कस्बों से पढ़ाई करने आते हैं। कई छात्र प्रतिदिन बस से अप-डाउन करते हैं। ऐसे विद्यार्थियों के लिए किराए में अचानक हुई वृद्धि का सीधा असर उनके परिवार के मासिक बजट पर पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के सामने पढ़ाई जारी रखने तक का संकट खड़ा होने की बात NSUI ने कही।

छात्र आईडी पर किराए में विशेष छूट की मांग
ज्ञापन में NSUI ने बस किराए में की गई बढ़ोतरी तत्काल वापस लेने की मांग के साथ छात्र-छात्राओं के लिए छात्र आईडी के आधार पर विशेष किराया छूट लागू करने की मांग उठाई। संगठन का कहना है कि विद्यार्थियों के लिए अलग रियायती व्यवस्था होने से ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले छात्र अपनी पढ़ाई बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के जारी रख सकेंगे।
तनीश त्यागी बोले-किराया बढ़ा तो पढ़ाई छोड़ने की नौबत
NSUI नेता तनीश त्यागी ने कहा कि बड़ी संख्या में विद्यार्थी रोजाना गांवों से सीहोर आते हैं। किराए में लगभग 75 प्रतिशत की वृद्धि विद्यार्थियों की क्षमता से बाहर होती जा रही है। आर्थिक रूप से कमजोर कई परिवारों के बच्चों के सामने अब रोजाना आने-जाने का खर्च जुटाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ विद्यार्थियों को मजबूरी में गांव में ही रुकना पड़ रहा है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
यश यादव की चेतावनी-मांग नहीं मानी तो सड़क पर होगा संघर्ष
यश यादव ने कहा कि विद्यार्थियों के हितों से जुड़ा यह मुद्दा केवल किराए का नहीं, बल्कि शिक्षा के अधिकार और अवसरों से भी जुड़ा हुआ है। यदि जल्द ही छात्र-छात्राओं के बस किराए में कमी नहीं की गई और छात्र आईडी पर रियायत लागू नहीं की गई, तो NSUI आंदोलन को व्यापक रूप देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ी तो संगठन छात्रों के साथ सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगा।
कलेक्टर को ज्ञापन, प्रशासन के सामने रखी मांग
प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं और छात्र-छात्राओं ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं। ज्ञापन के जरिए बस किराए की बढ़ोतरी पर पुनर्विचार करने, विद्यार्थियों के लिए रियायती किराया व्यवस्था लागू करने और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को राहत देने की मांग की गई। अब निगाहें प्रशासन की ओर हैं कि छात्रों की इस मांग पर क्या निर्णय लिया जाता है।
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बड़ी संख्या में छात्र पहुंचे, कांग्रेस नेताओं की भी मौजूदगी
ज्ञापन सौंपने के दौरान युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर, अनुभव सेन, दिव्यांश मालवीया, विष्णु मालवीया, अभिजीत, हिमांशु, लोकेन्द्र, रुद्र वर्मा सहित NSUI के अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की मौजूदगी ने प्रदर्शन को राजनीतिक और छात्र हितों से जुड़े बड़े मुद्दे का रूप दे दिया।
किराया नहीं घटा तो आंदोलन की पटकथा तैयार
NSUI ने प्रशासन को संकेत दे दिया है कि बस किराए का मुद्दा अब केवल ज्ञापन तक सीमित नहीं रहने वाला है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में बस किराए को लेकर सीहोर में छात्र संगठनों और प्रशासन के बीच टकराव बढ़ने के आसार हैं।
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