PU Special :भाजपा को सता रही ट्राइबल बेल्ट की चिंता, हारी हुई 66 सीटों में से 31 आरक्षित वर्ग की, तीन कैटेगरी में बांटी

मध्यप्रदेश भाजपा ने मिशन-28 के तहत पिछले विधानसभा चुनाव में हारी 66 सीटों पर फोकस बढ़ाया है। इनमें 21 आदिवासी और 10 अनुसूचित जाति सीटें हैं। पार्टी ने आकांक्षी सीटों को तीन श्रेणियों में बांटकर बूथ सशक्तीकरण और ट्राइबल बेल्ट में जनाधार मजबूत करने की रणनीति बनाई है।
भाजपा को सता रही ट्राइबल बेल्ट की चिंता, हारी हुई 66 सीटों में से 31 आरक्षित वर्ग की, तीन कैटेगरी में बांटी

राजीव सोनी, भोपाल। मध्यप्रदेश भाजपा संगठन में उच्च स्तर पर हुए बदलाव के बाद पार्टी ने ट्राइबल अंचल में जनाधार बढ़ाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। विधानसभा की हारी हुई 66 में से 31 सीटें आरक्षित हैं। इनमें 21 ट्राइबल और 10 अनुसूचित जाति वर्ग की हैं। कुछ ऐसी विधानसभा सीटें भी हैं, जहां जीत-हार का फैसला बहुत कम अंतर से हुआ। मिशन-28 को लेकर भाजपा ने इन आकांक्षी विधानसभा सीटों को तीन कैटेगरी में विभाजित कर बूथ जीतने पर फोकस किया है।

हारी हुई सीटों पर फोकस

मिशन-28 को अब दो साल का समय बचा है। प्रदेश प्रभारी और संगठन महामंत्री पद पर हुए बदलाव के बाद पार्टी ने अब पिछले चुनाव की उन हारी हुई सीटों पर फोकस किया है, जहां उसकी स्थिति कमजोर रही है। इनमें से लगभग एक तिहाई सीटें आदिवासी अंचल की हैं। इसलिए भाजपा ने इन क्षेत्रों में बूथ सशक्तीकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के लिए इन्हें तीन कैटेगरी में बांटा है। पहली श्रेणी ऐसी सीटों की है, जहां भाजपा कभी-कभार जीत दर्ज करती है। दूसरी हमेशा जीतने वाली और तीसरी कैटेगरी उन सीटों की है, जहां कमल खिलने का इंतजार है।

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ट्राइबल बेल्ट पर फोकस

प्रदेश भाजपा के नवनियुक्त प्रभारी बिप्लब कुमार देब और संगठन महामंत्री चंद्रशेखर ने मप्र में कामकाज संभालने के बाद इन आकांक्षी सीटों पर कमल खिलाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। इनमें से ट्राइबल अंचल की सीटें ज्यादा हैं, इसलिए सत्ता-संगठन के स्तर पर उन क्षेत्रों में नए सिरे से बूथ मैनेजमेंट के रोडमैप पर काम करने को कहा गया है। विधानसभा में इस वर्ग की 47 सीटें आरक्षित हैं, जबकि अन्य दो दर्जन सीटें प्रभाव क्षेत्र की हैं।

भाजपा की 66 आकांक्षी सीटें 

सामान्य: सुसनेर, बालाघाट, परसवाड़ा, वारासिवनी, अटेर, भोपाल मध्य, भोपाल उत्तर, मलहरा, छिंदवाड़ा, चौरई, सौंसर, दतिया, बदनावर, बमोरी, राघौगढ़, ग्वालियर पूर्व, ग्वालियर ग्रामीण, हरदा, कसरावद, मंदसौर, जौरा, मुरैना, सिलवानी, सेमरिया, अमरपाटन, सतना, केवलारी, श्योपुर, विजयपुर, पोहरी, चुरहट, खरगापुर, पृथ्वीपुर, टीकमगढ़, महिदपुर।

ट्राइबल: जोबट, पुष्पराजगढ़, बड़वानी, राजपुर, सेंधवा, अमरवाड़ा, जुन्नारदेव, पांढुर्णा, गंधवानी, कुक्षी, मनावर, सरदारपुर, डिंडोरी, टिमरनी, झाबुआ, थांदला, भगवानपुरा, भीकनगांव, बिछिया, निवास, लखनादौन।

एससी: जोबट, अशोकनगर, गोहद, परासिया, भांडेर, डबरा, जबलपुर पूर्व, अंबाह, बीना, तराना।

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विजन और मिशन बूथ जीतना

प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता यशपाल सिंह सिसोदिया कहते हैं कि “आकांक्षी सीटों को लेकर पार्टी हाईकमान ने विशेष रणनीति पर काम शुरू किया है। हमारा विजन और मिशन बूथ जीतने का है। इसके लिए अलग-अलग तैयारी की जा रही है। पिछले चुनाव में हमें कई माइनस बूथों पर सफलता भी मिली थी।”

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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