पंजाब में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी पर अब उम्रकैद, कैबिनेट की सहमति के बाद विधानसभा में पेश हुआ सख्त कानून, कल होगी चर्चा

चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब विधानसभा में ‘पंजाब पवित्र धर्मग्रंथों के विरुद्ध अपराध रोकथाम विधेयक 2025’ पेश किया। इस नए कानून के तहत अगर कोई व्यक्ति श्री गुरु ग्रंथ साहिब, भगवद्गीता, बाइबिल या कुरान जैसे किसी भी पवित्र ग्रंथ का अपमान करता है, तो उसे 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
कैबिनेट बैठक में मिली मंजूरी
इस कानून को सदन में पेश करने से पहले मुख्यमंत्री मान की अध्यक्षता में एक अहम कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें इस विधेयक को मंजूरी दी गई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इसे विधानसभा में पेश किया। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि बेअदबी बिल पर चर्चा के लिए समय दिया जाना चाहिए। इसके बाद सदन को 15 मिनट के लिए फिर से स्थगित कर दिया गया। बाजवा के बेअदबी बिल पर चर्चा कल के लिए आयोजित किए जाने को स्पीकर ने मंजूरी दे दी है। बताया गया कि इस कानून का मकसद राज्य में भाईचारा, शांति और धार्मिक सौहार्द बनाए रखना है।
विधेयक में क्या है खास
- किसी भी धार्मिक ग्रंथ की जानबूझकर बेअदबी करने पर 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा होगी।
- अगर कोई व्यक्ति ऐसी घटना की योजना बनाता है या उसका प्रयास करता है, तो उसे 3 से 5 साल तक की सजा दी जा सकेगी।
- इस तरह के अपराध में मदद करने वालों को भी सख्त सजा मिलेगी।
ओपोजिशन ने भी बताया जरूरी कदम
विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने इस मुद्दे को गंभीर बताया और विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि मंगलवार को इस विधेयक पर विस्तार से चर्चा की जाए। उन्होंने कहा कि यह विषय केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि समाजिक स्थिरता से भी जुड़ा हुआ है।
बेअदबी की कई घटनाएं आईं सामने सामने
सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि पिछले कुछ सालों में राज्य में गुरु ग्रंथ साहिब और अन्य धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की कई घटनाएं सामने आईं हैं। इन घटनाओं से लोगों की भावनाओं को गहरी चोट पहुंची है और समाज में अशांति फैली है। अभी तक ऐसी घटनाओं पर कार्रवाई के लिए कोई कड़ा कानून नहीं था, लेकिन अब यह बिल इन अपराधों पर सख्त रोक लगाने का काम करेगा।
पहले क्यों नहीं थी इतनी सख्ती?
अब तक भारतीय दंड संहिता की धारा 295, 298 जैसी धाराओं के तहत ऐसे मामलों में केस दर्ज किए जाते थे, लेकिन इनमें सजा बेहद सीमित होती थी और अपराधियों को सख्त सजा नहीं मिल पाती थी। नए कानून से अब बेअदबी करने वालों को कड़ी सजा मिलेगी और यह एक सख्त चेतावनी भी होगी।
पवित्र धर्मग्रंथ के अपमान की इजाजत नहीं दी जाएगी : मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य राज्य में शांति और आपसी भाईचारा बनाए रखना है। इस कानून से वे असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश देना चाहते हैं कि पंजाब में किसी भी पवित्र धर्मग्रंथ के अपमान की इजाजत नहीं दी जाएगी।












