कब है दिवाली: छठ पूजा की तारीख और धनतेरस से देव दिवाली तक देखें नवंबर में व्रत त्योहार की पूरी सूची

नवंबर में दिवाली 8 नवंबर को मनाई जाएगी। छठ पूजा 13 से 16 नवंबर तक चलेगी। देव दिवाली 24 नवंबर को है। महीने की शुरुआत 1 नवंबर को अहोई अष्टमी से हो रही है। आखिरी त्योहार 27 नवंबर को गणाधिप संकष्टी चतुर्थी है। नवंबर 2026 व्रत त्योहार की पूरी तारीख-वार जानकारी नीचे है।
कौन सा त्योहार किस तारीख को
धार्मिक जानकारों के अनुसार नवंबर का महीना बेहद शुभ है। इस महीने दीपदान (दीपक जलाकर दान करना) और गंगा स्नान करना चाहिए। मान्यता है कि इससे भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है।इस बार दिवाली, छठ और देव दिवाली जैसे बड़े पर्व इसी महीने में हैं। लोग इनका साल भर इंतजार करते हैं।
सवाल उठता है कि कौन सा त्योहार किस तारीख को है? आइए जवाब जानते हैं। नवंबर 2026 के त्योहारों की इस सूची में 14 प्रमुख त्योहार और व्रत हैं। नवंबर 2026 के त्योहार 1 नवंबर से 27 नवंबर तक फैले हैं।
नवंबर में दिवाली कब है?
पाठकों का सबसे बड़ा सवाल है कि नवंबर में दिवाली कब है? Diwali 2026 date 8 नवंबर तय है। उससे पहले 5 नवंबर को रमा एकादशी आएगी। रमा एकादशी पर विष्णु भक्त व्रत रखेंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे सभी पाप मिट जाते हैं। साथ ही सुख-समृद्धि मिलती है।
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धनतेरस 6 नवंबर को क्या खरीदें?
धनतेरस 6 नवंबर को मनाया जाएगा। लोग भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की आराधना करेंगे। इस दिन झाड़ू, सोना, चांदी और बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में लक्ष्मी जी का वास होता है।
छोटी दिवाली 7 नवंबर को क्यों खास?
7 नवंबर को छोटी दिवाली या काली चौदस है। गुजरात में इसे काली चौदस कहा जाता है। इस दिन देवी-देवताओं की पूजा होती है। यमराज को दीपदान भी किया जाता है। मान्यता है कि यमराज को दीपदान से आकस्मिक मृत्यु से बचने का आशीर्वाद मिलता है।
फिर आता है 8 नवंबर
दिवाली हिंदू धर्म के सबसे खास त्योहारों में से एक है। इस दिन लोग दीप जलाकर घर रोशन करते हैं। साथ ही विधि से माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करते हैं। सोचिए एक बार, शाम को दीपों से जगमगाता घर।
दिवाली के बाद क्या-क्या आएगा?
अब जरा आगे चलते हैं। गोवर्धन पूजा या अन्नकूट पूजा 10 नवंबर को है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाने की लीला दिखाई थी। उसी सिलसिले में यह पर्व मनाया जाता है। भाई दूज 11 नवंबर को है। यह कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। बहनें भाइयों को तिलक लगाएंगी। वे उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए भगवान से कामना करेंगी।
छठ पूजा की तारीख और चार दिन
छठ पूजा की तारीख 13 नवंबर से 16 नवंबर तक है। यह पर्व चार दिन चलेगा। Chhath Puja 2026 date की शुरुआत नहाय-खाय से होगी।
नहाय-खाय से ऊषा अर्घ्य तक
13 नवंबर को नहाय-खाय है। 14 नवंबर को खरना रहेगा। 15 नवंबर को संध्या अर्घ्य (डूबते सूर्य को जल) दिया जाएगा। 16 नवंबर को ऊषा अर्घ्य (उगते सूर्य को जल) के साथ पर्व पूरा होगा।
गोपाष्टमी से तुलसी विवाह तक
गोपाष्टमी 17 नवंबर को है। इस दिन भगवान कृष्ण की पूजा होती है। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन से श्रीकृष्ण ने गायों को चराना शुरू किया।
अक्षय नवमी में आंवले की पूजा
अक्षय नवमी 18 नवंबर को है। इस पर्व में किसी देवी-देवता की नहीं, आंवले के पेड़ की पूजा होती है। धार्मिक जानकारों के अनुसार आंवले के नीचे भोजन करना खास माना जाता है। दान-पुण्य का भी महत्व है।
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देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह
देवउठनी एकादशी 20 नवंबर को है। मान्यता है कि विष्णु चार महीने के विश्राम के बाद इसी दिन जागते हैं। इसी वजह से यह नाम पड़ा। तुलसी विवाह 21 नवंबर को है। इस दिन तुलसी का विवाह शालिग्राम (विष्णु का पत्थर रूप) से कराया जाता है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति का वास होता है।
देव दिवाली 2026 कब है?
देव दिवाली 24 नवंबर को मनाई जाएगी। Dev Diwali 2026 पर गंगा स्नान और दीपदान का खास महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे व्यक्ति पापों से मुक्ति पा सकता है। महीने का आखिरी पर्व 27 नवंबर को गणाधिप संकष्टी चतुर्थी है। भक्त भगवान गणेश की पूजा करेंगे। शाम को चंद्र देव को अर्घ्य देंगे। festivals list November में यही आखिरी तारीख है।
नवंबर के त्योहारों की सूची में दिवाली 2026 की तारीख 8 नवंबर है। छठ पूजा 2026 की तारीख 13 से 16 नवंबर दर्ज है। इन तारीखों को कैलेंडर में नोट कर लें।




















