पेंच टाइगर रिजर्व में गौर के शिकार का खुलासा, 4 आरोपी गिरफ्तार

सिवनी। मौके से कुल 68 हड्डियां, एक खोपड़ी और दो सींग मिले हैं। मामले में शव को दफनाने के लिए इस्तेमाल किए गए ट्रैक्टर को भी जब्त किया गया है। चारों आरोपियों को मेडिकल परीक्षण के बाद न्यायालय, सिवनी में पेश किया गया।
टीम ने चार संदिग्धों से पूछताछ की
पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन के अनुसार, 30 अक्टूबर 2026 को स्पेशल टास्क फोर्स से प्राप्त सूचना के आधार पर गठित टीम ने चार संदिग्धों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने करीब तीन साल पहले विद्युत करंट फैलाकर गौर का शिकार करने की बात स्वीकार की। गौर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची- 1 में शामिल है।
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खेत में खुदाई के दौरान मिले अवशेष
आरोपियों की निशानदेही पर वन विभाग की टीम घाटकोहका बफर वन परिक्षेत्र की बरेलीपार बीट के कक्ष क्रमांक 386 में स्थित राजकुमार सरयाम के खेत पर पहुंची। धान की फसल कटने के बाद खेत में डंठल खड़े थे। खेत में बनी झोपड़ी से कुछ दूरी पर आरोपियों ने उस स्थान की पहचान की, जहां गौर के शव को दफनाने की बात बताई गई। वन अमले की मौजूदगी में पहले गेंती और फावड़े से खुदाई शुरू की गई। इसके बाद मौके पर जेसीबी बुलाकर खुदाई कराई गई। लगभग चार फीट गहराई पर गौर के अवशेष बरामद हुए। वन्यजीव सहायक शल्य चिकित्सक ने प्रयोगशाला परीक्षण के लिए हड्डी का नमूना लिया है। परीक्षण के जरिए अवशेषों की पहचान संबंधी वैज्ञानिक पुष्टि की जाएगी।
तीन साल पुराने मामले में ट्रैक्टर भी जब्त
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गौर के शव को गड्ढे में डालने के लिए ट्रैक्टर का उपयोग किया गया था। इस जानकारी के आधार पर वन अमले ने 31 अक्टूबर 2026 को संबंधित ट्रैक्टर जब्त कर लिया। प्रबंधन के अनुसार, मामले में चार आरोपियों की पहचान राजकुमार सरयाम (44), आशीष उइके (30), राजाराम वट्टी (36), निवासी कर्माझिरी तथा लक्ष्मण उइके (33), निवासी कुंभपानी के रूप में हुई है। वन विभाग ने आवश्यक कार्रवाई के बाद चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां उन्हें जेल भेज दिया गया है।




















