सरकार ने साफ कर दिया है कि अंतर्राष्ट्रीय तनाव के बावजूद देश में ईंधन की उपलब्धता पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। मजबूत प्रबंधन और सतर्क निगरानी के जरिए सप्लाई को बनाए रखा गया है, जिससे आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देशभर में ईंधन की सप्लाई सामान्य है और किसी तरह की कमी की स्थिति नहीं है। लोगों से कहा गया है कि वे एलपीजी बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करें, ताकि भीड़भाड़ और अनावश्यक दबाव से बचा जा सके। साथ ही, डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड डीएसी सिस्टम के जरिए पारदर्शिता बढ़ाई गई है, जिससे अब ज्यादातर डिलीवरी ठीक से हो रही है।
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सरकार ने घरेलू प्रोडक्शन बढ़ाने और रिफाइनरियों को उच्च क्षमता पर चलाने के निर्देश दिए हैं, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित न हो। इसके अलावा, पीएनजी कनेक्शन तेजी से बढ़ाए जा रहे हैं और लाखों नए उपभोक्ता इससे जुड़ चुके हैं। लोगों को एलपीजी के विकल्प के तौर पर पीएनजी, इलेक्ट्रिक कुकटॉप और इंडक्शन जैसे साधनों को अपनाने की सलाह भी दी गई है, ताकि गैस की मांग पर दबाव कम हो सके।
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सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। हजारों सिलेंडर जब्त किए गए हैं और नियमों का उल्लंघन करने वाले डिस्ट्रीब्यूटर्स पर कार्रवाई की गई है। वहीं, समुद्री क्षेत्र में भी स्थिति नियंत्रण में है। भारतीय जहाज और चालक दल सुरक्षित हैं और लगातार उनकी निगरानी की जा रही है।
बता दें कि सरकार की ओर से घरेलू गैस सप्लाई को सुगम बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। एक ही दिन में 51 लाख से ज्यादा घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का वितरण किया गया, वहीं हाल ही में 90 हजार से ज्यादा पांच किलो के मुफ्त सिलेंडर भी उपलब्ध कराए गए, ताकि खासकर उन लोगों को राहत मिल सके जिनके पास कोई एड्रेस प्रूफ नहीं है। इसके साथ ही पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस (PNG) कनेक्शन के विस्तार में भी तेजी आई है। अब तक करीब 3 लाख 6 हजार घरों को PNG कनेक्शन मिल चुका है और मार्च से अब तक 3 लाख 9 हजार से ज्यादा नए रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए हैं।