नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने रसोई गैस की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पांच किलोग्राम वाले छोटे एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री तेज कर दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार,23 मार्च से अब तक ऐसे करीब 6.6 लाख सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडरों के विपरीत, पांच किलोग्राम के छोटे सिलेंडर, जिन्हें एफटीएल सिलेंडर कहा जाता है, बाजार कीमत पर मिलते हैं और इन्हें नजदीकी गैस एजेंसी से लेने के लिए पते का प्रमाण देना जरूरी नहीं होता।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 4 अप्रैल को पांच किलोग्राम के 90,000 से अधिक एफटीएल सिलेंडर बेचे गए। 23 मार्च 2026 से अब तक करीब 6.6 लाख पांच किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।मंत्रालय ने कहा कि एलपीजी वितरकों के पास किसी तरह की कमी की कोई सूचना नहीं है।
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एक ही दिन में 51 लाख से अधिक घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति की गई और कुल मांग का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन बुकिंग के जरिए पूरा हुआ। प्रशासन ने जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मार्च से अब तक 50,000 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं, एलपीजी वितरकों को 1,400 से ज्यादा कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं और अब तक 36 डीलरशिप निलंबित की जा चुकी हैं।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति को संकट से पहले के स्तर के 70 प्रतिशत तक सीमित किया गया है, जबकि छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है ताकि मांग का दबाव कम हो सके। प्राकृतिक गैस के बारे में सरकार ने कहा कि घरेलू उपयोग और परिवहन के लिए पूरी आपूर्ति जारी है, जबकि उर्वरक संयंत्रों के लिए आपूर्ति छह अप्रैल से औसत खपत के करीब 90 प्रतिशत तक बढ़ाई जाएगी, जिसे आने वाले एलएनजी कार्गो का समर्थन मिलेगा। मंत्रालय ने बताया कि सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और देशभर के पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि घबराकर खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।