नेपाल में बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं, चीन ने जारी किया बड़ा अलर्ट; भारत ने भेजी 37.5 टन राहत सामग्री

नेपाल में भोटेकोसी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद हालात अभी भी चिंताजनक बने हुए हैं। चीन की ओर से एक और बड़े खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। बताया गया है कि छोछेन खोला और पुरेपू त्सांगपो नदियों के संगम के पास एक बड़ी बैरियर झील बन गई है। इसके टूटने पर नेपाल में फिर भारी तबाही हो सकती है।
चीन ने बैरियर झील को लेकर किया अलर्ट
चीन के जल संसाधन मंत्रालय के मुताबिक, गुरुवार सुबह तक इस झील में करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था और झील ओवरफ्लो भी कर रही थी। अगले तीन दिनों में करीब 30 लाख घन मीटर अतिरिक्त पानी झील में पहुंचने का अनुमान है। इससे झील के टूटने का खतरा काफी बढ़ गया है। अगर बैरियर टूटता है तो बड़ी मात्रा में पानी अचानक नीचे की ओर बह सकता है।

जयशंकर ने की हालात की समीक्षा
नेपाल में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इसमें विदेश सचिव, विदेश मंत्रालय की टीम और काठमांडू व बीजिंग में भारत के राजदूत शामिल हुए। बैठक में नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, राहत और बचाव कार्यों की स्थिति पर चर्चा हुई। जयशंकर ने कहा कि प्रभावित इलाकों में मौजूद भारतीयों की जानकारी जुटाने के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं।

नेपाल सरकार के साथ संपर्क में भारत
विदेश मंत्रालय नेपाल की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। भारत सरकार विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों, टूर ऑपरेटरों और परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही है। इसके साथ ही नेपाल सरकार और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में रहकर राहत और बचाव कार्यों में सहयोग किया जा रहा है।
26 अगस्त को आई थी अचानक बाढ़
नेपाल में 26 अगस्त को अचानक आई फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई थी। बताया गया कि भोटेकोसी नदी की सहायक नदी ल्हेन्डे का प्रवाह हिमस्खलन के कारण रुक गया था। इसके बाद पानी का दबाव बढ़ने से अचानक बाढ़ की स्थिति बनी। सबसे पहले नेपाल-चीन सीमा के पास रसुवागढ़ी क्षेत्र का तिमुरे गांव प्रभावित हुआ। खास बात यह रही कि उस समय इलाके में बारिश नहीं हो रही थी। ऐसे में लोगों को अचानक आने वाली बाढ़ का अंदाजा नहीं था और वे सामान्य रूप से अपने काम में लगे हुए थे।
भारत ने भेजी 37.5 टन राहत सामग्री
नेपाल में आई आपदा के बाद भारत लगातार राहत सामग्री भेज रहा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के मुताबिक, बुधवार को 10 टन मानवीय सहायता भेजने के बाद गुरुवार को भारत ने 37.5 टन राहत सामग्री की दूसरी खेप भी रवाना की। पहली खेप नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क राज पौडेल को सौंपी थी। राहत सामग्री में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के लिए जरूरी सामान शामिल है।

MP के लोगों के लिए कंट्रोल रूम शुरू
नेपाल में फंसे मध्य प्रदेश के नागरिकों की मदद के लिए राज्य सरकार ने नई दिल्ली में कंट्रोल रूम बनाया है। प्रभावित लोग या उनके परिजन सहायता और जानकारी के लिए इन माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं।
हेल्पलाइन: 011-26772005
व्हाट्सऐप: 9818963273
ईमेल: recp1mpbhawan@mp.gov.in
नेपाल में बाढ़ का खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। बैरियर झील को लेकर चीन के अलर्ट के बाद भारत और नेपाल की एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।



















