नेपाल में कुदरत का खौफनाक मंजर: फ्लैश फ्लड में 160 मौतें, 750 से ज्यादा लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन तेज

मध्य नेपाल के तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। तेज बहाव में कई शहरों और गांवों के बड़े हिस्से डूब गए। नेपाल पुलिस के मुताबिक अब तक 157 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। नेपाल और चीन की सीमा से जुड़े इलाकों को मिलाकर 750 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। बाढ़ की चपेट में आने से कई पुल टूट गए हैं और करीब एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। हालात को देखते हुए नेपाल में सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल को राहत और बचाव अभियान में लगाया गया है।
भूकंप के कुछ ही मिनट बाद आई बाढ़
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद में बताया कि स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 8:37 बजे तिब्बत क्षेत्र में भूकंप आया। इसके लगभग तीन मिनट बाद ही अचानक बाढ़ आने की खबर मिली। इस घटना के बाद आशंका जताई जा रही है कि भूकंप के झटकों से किसी हिमनद या पहाड़ी क्षेत्र में बड़ा बदलाव हुआ होगा, जिसके कारण अचानक पानी का तेज बहाव आया। हालांकि बाढ़ के वास्तविक कारण की पूरी जानकारी जांच के बाद ही साफ हो पाएगी। अधिकारियों के अनुसार भोटे कोशी नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ा। इसका सबसे ज्यादा असर तिब्बत सीमा से लगे रसुवा और धादिंग जिलों में दिखाई दिया।
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कई जिलों तक पहुंचा बाढ़ का पानी
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार नेपाल-तिब्बत सीमा के पास लेंडे नदी में पानी बढ़ने और चट्टानों के खिसकने के बाद रसुवा जिले के तिमुरे इलाके में भोटे कोशी और त्रिशूली नदी में पानी का तेज बहाव आया। इसके बाद बाढ़ का पानी कई दूसरे जिलों तक पहुंच गया। इनमें नुवाकोट, चितवन, गोरखा, तनहुं और नवलपरासी पूर्व जैसे इलाके शामिल हैं। काठमांडू से करीब 70 से 200 किलोमीटर तक के क्षेत्रों में इसका असर देखने को मिला। तेज बहाव अपने साथ मिट्टी, चट्टानें और भारी मलबा लेकर आया। इससे सड़कें, पुल, मकान और दूसरी जरूरी संरचनाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं।
वीडियो में दिखी तबाही की खौफनाक तस्वीरें
बाढ़ के बाद सामने आए कई वीडियो में तबाही का भयावह मंजर दिखाई दे रहा है। कहीं तेज बहाव में गाड़ियां बहती नजर आईं तो कहीं पानी की ताकत के सामने बड़े पुल टूटते दिखाई दिए। एक वीडियो में चार मंजिला इमारत पानी के तेज बहाव में बहती नजर आई। एक अन्य वीडियो में रसुवा में एक कार बाढ़ के पानी में बह गई। कई जगह पुल पानी के दबाव को नहीं झेल पाए और देखते ही देखते टूटकर बह गए। धादिंग से सामने आए एक वीडियो में बाढ़ का पानी पुल से टकराता और उसे अपने साथ बहा ले जाता दिखाई दिया। एक अन्य वीडियो में मलबे से भरा पानी कुछ ही सेकंड में पूरे पुल को अपनी चपेट में लेता नजर आया।
करीब 100 लोगों को सुरक्षित बचाया गया
अधिकारियों के अनुसार राहत और बचाव दलों ने प्रभावित क्षेत्रों से करीब 100 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। इनमें लगभग 30 लोगों का इलाज काठमांडू के त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल में चल रहा है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने हालात की समीक्षा के लिए आपात बैठक बुलाई। इसके बाद सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को प्रभावित इलाकों में भेजा गया। सरकार ने राहत शिविरों, अस्पतालों और बचाव टीमों के जरिए प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने का अभियान तेज कर दिया है।
133 भारतीयों समेत कई विदेशी नागरिक लापता
बाढ़ में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के भी लापता होने की खबर है। अधिकारियों के अनुसार लापता लोगों में कम से कम 133 भारतीय और 37 अप्रवासी भारतीय शामिल हैं। इनमें करीब 50 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालु बताए जा रहे हैं। एक फाउंडेशन ने भी अपने 77 सदस्यों के लापता होने की जानकारी दी है। संस्था के अनुसार ये लोग एक आव्रजन केंद्र में मौजूद थे। बाद में संस्था ने बताया कि 495 लोग सुरक्षित लौट चुके हैं, लेकिन आव्रजन केंद्र में मौजूद कुछ लोगों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। तमिलनाडु के अधिकारियों के अनुसार लापता 37 पर्यटक तंजावुर के रहने वाले हैं। उत्तर प्रदेश और केरल समेत कई राज्यों ने नेपाल में फंसे अपने नागरिकों की जानकारी जुटाने के लिए हेल्पलाइन शुरू की है।
कई देशों के नागरिक भी फंसे
नेपाल में आई इस बाढ़ का असर सिर्फ नेपाल और भारत तक सीमित नहीं है। लापता लोगों में अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड समेत कई देशों के नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। चीन की ओर भी बाढ़ का असर पहुंचा है। चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार सीमा के चीनी हिस्से में भी लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग लापता हैं।
80 सुरक्षाकर्मियों का भी पता नहीं
नेपाल के विदेश मंत्री ने संसद को बताया कि अलग-अलग प्रभावित इलाकों में करीब 80 सुरक्षाकर्मी भी लापता हैं। इनमें नेपाल सेना के 44 जवान शामिल हैं। बाढ़ की तेज रफ्तार के कारण कई जगह बचाव दलों के लिए भी अभियान चलाना मुश्किल हो रहा है। खराब सड़कें, टूटे पुल और मलबे से भरे रास्ते राहत कार्य में बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
भारत ने नेपाल को मदद का भरोसा दिया
भारत ने नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से फोन पर बात कर संवेदना जताई और राहत एवं बचाव के लिए भारत की ओर से सहायता का आश्वासन दिया। भारत की ओर से नेपाल के लिए राहत सामग्री की पहली खेप भी भेजी गई है।
बिहार और उत्तर प्रदेश में NDRF हाई अलर्ट
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नेपाल में आई आपदा पर दुख जताते हुए कहा कि भारत इस संकट के समय नेपाल के साथ खड़ा है। उन्होंने बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से भी बात की है। नेपाल से लगे सीमावर्ती इलाकों पर बाढ़ के संभावित असर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन, राहत टीमों और NDRF को हाई अलर्ट पर रखा गया है।



















