इंदौर:शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से MP के छात्रों में खुशी की लहर

NEET-UG परीक्षा में हुई धांधली और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में चल रहा देशभर का छात्र आंदोलन रंग लाता दिख रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपा है। इस खबर के बाद मध्य प्रदेश के हजारों प्रदर्शनकारी छात्रों और युवा संगठनों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
25 दिनों से इंदौर में जमा हैं छात्र
इंदौर के टंट्या भील चौराहे पर पिछले 25 दिनों से छात्रों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है। महज 5 विद्यार्थियों से शुरू हुआ यह धरना अब एक विशाल आंदोलन का रूप ले चुका है जिसमें प्रतिदिन हजारों की संख्या में युवा जुट रहे हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा के लिहाज से पुलिस प्रशासन को ड्रोन कैमरों के जरिए पूरे क्षेत्र की निगरानी करनी पड़ रही है।
सिस्टम का बैक्टीरिया साफ करना है
शनिवार को प्रदर्शन के दौरान एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब महक नाम की एक छात्रा हाथ में नीम की पत्तियां लेकर आंदोलन स्थल पर पहुंची। अपनी इस अनूठी पहल पर बात करते हुए महक ने कहा कि नीम एंटी-बैक्टीरियल होती है। मैं इसे हमारी परीक्षा प्रणाली और व्यवस्था में फैली कमियों व भ्रष्टाचार रूपी बैक्टीरिया को खत्म करने के प्रतीक के तौर पर लेकर आई हूं।
इस्तीफा तो हो गया लेकिन लड़ाई अभी बाकी
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से छात्रों का मनोबल जरूर बढ़ा है लेकिन उनका कहना है कि यह उनकी मांगों का केवल एक हिस्सा है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता नहीं आ जाती और धांधली में शामिल दोषियों और माफियाओं पर सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होती तब तक उनका यह आंदोलन खत्म नहीं होगा और सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष जारी रहेगा।












