आंगनबाड़ी में बच्चों को उबले चावल मिले तो भड़के विधायक राय, अफसरों को फटकारा
सीहोर। कुपोषण के खिलाफ सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर योजनाएं चला रही है लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की तस्वीर सवाल खड़े कर रही है। सीहोर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बिछिया स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को तय मेन्यू के अनुसार पोषण आहार नहीं मिलने का मामला सामने आने के बाद विधायक सुदेश राय ने बुधवार को औचक निरीक्षण किया। केंद्र पर बच्चों को पोषाहार के नाम पर सिर्फ उबले हुए चावल परोसे जाते मिले। बच्चों से पूछताछ में भी सामने आया कि उन्हें निर्धारित तालिका के अनुसार भोजन नहीं दिया जाता। यह स्थिति देखकर विधायक का पारा चढ़ गया और उन्होंने मौके पर ही संबंधित कर्मचारियों एवं विभागीय अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
औचक निरीक्षण में खुली व्यवस्था की पोल
ग्रामीणों द्वारा बिछिया आंगनबाड़ी केंद्र में अव्यवस्थाओं और बच्चों को तय मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं मिलने की शिकायत विधायक सुदेश राय से की जा रही थी। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विधायक अचानक केंद्र पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा और बच्चों से सीधे संवाद किया। केंद्र की वास्तविक स्थिति सामने आते ही जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए। मामले का सोशल मीडिया पर भी वीडियो जाम पर वायरल हो रहा है।
पोषण आहार के नाम पर सिर्फ उबले चावल
आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को जिस तरह भोजन दिया जा रहा था, उसने पूरी व्यवस्था की पोल खोल दी। नौनिहालों के सामने पोषण आहार के नाम पर सिर्फ उबले हुए चावल परोसे जा रहे थे। विधायक ने बच्चों से पूछा कि उन्हें रोज तय मेन्यू के अनुसार भोजन मिलता है या नहीं। बच्चों ने स्पष्ट रूप से बताया कि उन्हें निर्धारित तालिका के अनुसार भोजन नहीं मिलता। बच्चों की यह बात सुनकर विधायक ने जिम्मेदारों से व्यवस्था को लेकर जवाब-तलब किया।
बच्चों के हक के भोजन पर विधायक हुए आक्रामक
नौनिहालों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े मामले में लापरवाही सामने आने पर विधायक सुदेश राय ने सख्त तेवर अपनाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के भोजन और स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने मौके पर मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और संबंधित विभागीय अधिकारियों को व्यवस्थाएं तत्काल सुधारने के निर्देश दिए। विधायक ने स्पष्ट किया कि सरकार की योजनाओं का लाभ कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर बच्चों और हितग्राहियों तक पहुंचना चाहिए।
अफसरों को फटकार, लापरवाहों पर कार्रवाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को लेकर विधायक राय ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने बच्चों के पोषण में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें हटाने के निर्देश दिए। विधायक के सख्त रुख के बाद विभागीय अमले में हड़कंप की स्थिति बन गई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निरीक्षण और कार्रवाई केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
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आंगनबाड़ी के जरिए चलने वाली योजनाओं पर भी सख्ती
विधायक सुदेश राय ने निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित सभी जनहितकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पूरी तत्परता के साथ पहुंचाया जाए। उन्होंने पोषण आहार वितरण के साथ लाड़ली बहना योजना, मतदाता पंजीकरण, बीएलओ से जुड़े कार्य, फेमलेरिसा, मलेरिया नियंत्रण, मच्छरदानी वितरण, शौचालय सर्वे सहित अन्य कार्यों की भी समीक्षा और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
कागजों से बाहर निकलना होगा योजनाओं को
विधायक ने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य बच्चों, महिलाओं और ग्रामीणों को वास्तविक लाभ पहुंचाना है। यदि योजनाएं फाइलों और रजिस्टरों तक सीमित रह जाएं और बच्चों को उनका निर्धारित पोषण आहार तक नहीं मिले, तो ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि बच्चों के भोजन के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
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कुपोषण के खिलाफ सरकारी दावों की जमीनी परीक्षा
बिछिया आंगनबाड़ी का मामला यह सवाल भी खड़ा कर रहा है कि जब नौनिहालों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन ही नहीं मिलेगा तो कुपोषण के खिलाफ चल रहे अभियानों का लक्ष्य कैसे हासिल होगा। विधायक के औचक निरीक्षण ने कम से कम इतना जरूर स्पष्ट कर दिया है कि योजनाओं की सफलता का असली पैमाना सरकारी रिकॉर्ड नहीं बल्कि आंगनबाड़ी केंद्र में बैठे बच्चों की थाली है।






















