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PU Special :रिश्तों में दरार के बावजूद परिवार बचाने की कोशिश, पत्नी की नशे और अवैध रिश्तों तक पति तैयार

रिश्तों में दरार आमतौर पर इतनी तेजी से खाई में बदल जाती है कि पति-पत्नी अलग होने का फैसला कर लेते हैं, लेकिन मध्यप्रदेश के फैमिली कोर्ट में पहुंच रहे कुछ मामले इसकी उलट तस्वीर दिखा रहे हैं। यहां पति पत्नी की नशे की आदत, दूसरे पुरुषों से संबंध और अलग लाइफस्टाइल जैसी बातों के बावजूद रिश्ता खत्म करना नहीं चाहते।
रिश्तों में दरार के बावजूद परिवार बचाने की कोशिश, पत्नी की नशे और अवैध रिश्तों तक पति तैयार
रिश्तों में दरार के बावजूद परिवार बचाने की कोशिश

पल्लवी वाघेला, भोपाल। एक पति पत्नी की दूसरी संतान को अपनाने तैयार है, तो दूसरे ने पत्नी की पार्टी और ड्रिंक करने की आदत पर भी आपत्ति नहीं जताई। दोनों की जिद बस इतनी है कि किसी तरह परिवार साथ रह जाए। इस साल आठ माह में जहां इस तरह के दो मामले सामने आए हैं, वहीं बीते साल भी तीन मामले चर्चा में रहे थे।

दूसरे पुरुष की बेटी को अपनाने तैयार पति

भोपाल फैमिली कोर्ट पहुंचे मामले में दंपति बीते आठ महीने से अलग रह रहे हैं। पत्नी ने धारा 125 के तहत पति से मेंटेनेंस पाने के लिए केस लगाया था, जबकि पति पत्नी और दूसरे पुरुष से जन्मी उसकी करीब डेढ़ माह की बेटी को साथ रखना चाहता है। कपल की पहले से तीन साल की एक बेटी है। काउंसलिंग में पति ने काउंसलर शैल अवस्थी के सामने कहा कि पत्नी को गांजे की लत है और उसकी जिंदगी में उसके अलावा भी पुरुष हैं, लेकिन इसके बाद भी वह बेटी और परिवार की खातिर उसके साथ रहना चाहता है।

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पत्नी ने कहा-मीडिल क्लास फैमिली में जरूरतें पूरी नहीं हुईं

मामले में महिला ने भी अपने ऊपर लगे आरोपों से इंकार नहीं किया। उसने कहा कि मीडिल क्लास फैमिली में उसकी जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही थीं। जब पति को उसकी प्रेग्नेंसी का पता चला तो उसने ढेरों सवाल किए, इसलिए वह गुस्से में घर छोड़कर अपनी दोस्त के साथ रहने चली गई। पत्नी ने कहा कि अगर पति उससे कोई सवाल-जवाब न करे तो वह वापस आने के लिए सोच सकती है। मामले में पति परिवार को बचाने हर संभव कोशिश के लिए तैयार है और दंपति में समझौता हो गया है, लेकिन पत्नी ने एक माह साथ रहने के बाद केस वापस लेने की शर्त रखी है।

पत्नी की पार्टियों और ड्रिंक करने की आदत से पति को दिक्कत नहीं

दूसरा मामला इंदौर फैमिली कोर्ट पहुंचा है। इंदौर निवासी युवती का ससुराल भोपाल में है और उसने इंदौर में तलाक का केस लगाया है। दंपति की शादी को तीन साल हुए हैं। युवती ने काउंसलिंग में बताया कि उनकी अरेंज मैरिज है और पति ने उसे उसकी सहेली की शादी में पसंद किया था। युवती के मुताबिक उसने शादी के पहले पति से कहा था कि उसे पार्टीज पसंद हैं और वह ड्रिंक भी करती है, तब पति ने कहा था कि दोनों भोपाल में अकेले रहेंगे तो कोई प्रॉब्लम नहीं है।

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ससुराल वालों के आने के बाद शुरू हुई समस्या

युवती के मुताबिक एक साल पहले ससुर के सेवानिवृत्त होने के बाद सास-ससुर और देवर तीनों भोपाल आकर रहने लगे। इसके बाद से समस्या शुरू हो गई और उसे हर बात पर रोका-टोका जाने लगा। युवती ने बताया कि उसने पति को ओपन रिलेशनशिप में रखा है और वह भी अपनी मर्जी से चाहे तो किसी अन्य महिला के संपर्क में रह सकता है, यही बात उस पर लागू होती है। ससुराल वालों के आने के बाद पति भी टोकने लगा, हालांकि पति का कहना है कि वह पत्नी की हर बात मानने और उसे लेकर अलग रहने के लिए तैयार है। मामला अभी विचाराधीन है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

इस तरह के तीन मामले पिछले साल भी प्रकाश में आए थे। इनमें एक मामला भोपाल का और अन्य दो मामले सागर और देवास फैमिली कोर्ट पहुंचे थे। भोपाल के मामले में पति ने पत्नी के अवैध संबंध से जन्मी संतान सहित उसे अपनाया था, वहीं सागर जिले के मामले में पत्नी अन्य पुरुष के साथ रहने चली गई थी और पति ने उसे वापस लाने केस लगाया था। मामले में पत्नी एक साल बाद लौट आई है। देवास के मामले में पत्नी का नशा कर हंगामा करना विवाद का कारण बना था, लेकिन पति ने संबंधों की बहाली के लिए केस लगाया और मामला विचाराधीन है।

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आपसी समझ और काउंसलिंग से बच सकता है रिश्ता

प्रतिभा राजगोपाल, निदेशक मीडिएशन सेंटर, भोपाल के मुताबिक परिवार बचाने की इच्छा रिश्ते को दूसरा मौका दे सकती है, लेकिन सिर्फ एक पक्ष के लगातार समझौते से स्वस्थ रिश्ता नहीं बनता। नशा, अवैध संबंध या अत्यधिक नियंत्रण जैसी समस्याओं पर स्पष्ट बातचीत और काउंसलिंग जरूरी है। रिश्ते में प्यार के साथ सम्मान, भरोसा और व्यक्तिगत सीमाओं की स्वीकार्यता भी जरूरी है।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...

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