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AI और इंस्टाग्राम से रचा NEET ठगी का खेल: फर्जी पेपर बेचने वाला लॉ छात्र गिरफ्तार

इंस्टाग्राम पर NEET पेपर लीक होने का दावा कर छात्रों से ऑनलाइन रकम वसूलने वाले लॉ कॉलेज के छात्र को इंदौर क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। आरोपी एआई टूल्स की मदद से फर्जी प्रश्नपत्र तैयार कर बेचता था।
 फर्जी पेपर बेचने वाला लॉ छात्र गिरफ्तार

इंदौर। इंदौर क्राइम ब्रांच ने NEET परीक्षा के नाम पर छात्रों से ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी का पर्दाफाश करते हुए उसे गिरफ्तार किया है। आरोपी इंस्टाग्राम के माध्यम से NEET परीक्षा का पेपर लीक होने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से ऑनलाइन पैसे वसूलता था और बदले में उन्हें फर्जी प्रश्नपत्र उपलब्ध कराता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी आधुनिक एआई टूल्स और चैटजीपीटी जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर नकली प्रश्नपत्र तैयार करता था। इसके बाद इन्हें अली और लीक हुए पेपर बताकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर बेचता था।

 

राजस्थान के कोटा से प्राप्त इनपुट के आधार पर इंदौर क्राइम ब्रांच और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अक्षय मालवीय नामक युवक को गिरफ्तार किया। आरोपी लॉ कॉलेज के प्रथम वर्ष का छात्र है और लंबे समय से सोशल मीडिया के जरिए इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपी इंस्टाग्राम पर आकर्षक पोस्ट और संदेशों के जरिए छात्रों को अपने जाल में फंसाता था। इच्छुक अभ्यर्थियों को एक विशेष लिंक भेजा जाता था, जिसे एक्सेस करने से पहले ऑनलाइन भुगतान करना अनिवार्य होता था। भुगतान प्राप्त होने के बाद छात्रों को पीडीएफ फॉर्मेट में तथाकथित "लीक प्रश्नपत्र" भेज दिए जाते थे। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी पुराने प्रश्नपत्रों, इंटरनेट पर उपलब्ध सामग्री और एआई आधारित कंटेंट का उपयोग कर नए फर्जी पेपर तैयार करता था। इन दस्तावेजों को इस तरह डिजाइन किया जाता था कि वे वास्तविक परीक्षा प्रश्नपत्र जैसे दिखाई दें।

क्राइम ब्रांच ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। इनमें कई संदिग्ध दस्तावेज, चैट रिकॉर्ड और ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। पुलिस अब उसके बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार परीक्षा की निष्पक्षता और गोपनीयता बनाए रखने के उद्देश्य से इस कार्रवाई को परीक्षा समाप्त होने तक सार्वजनिक नहीं किया गया था। अब मामले में आगे की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने कितने छात्रों को अपना शिकार बनाया और ठगी की कुल रकम कितनी है। क्राइम ब्रांच ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी परीक्षा के पेपर लीक या प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के दावों पर विश्वास न करें और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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