राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में छिंदवाड़ा-पांढुर्णा के विद्यार्थी दिखाएंगे वैज्ञानिक प्रतिभा

छिंदवाड़ा। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद नई दिल्ली की ओर से हर वर्ष राष्ट्रीय बाल विज्ञान सम्मेलन आयोजित किया जाता है। यह सम्मेलन शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत 10 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बाल वैज्ञानिकों को स्थानीय समस्याओं पर आधारित प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने का मंच देता है। जिला शिक्षा अधिकारी छिंदवाड़ा एवं पांढुर्णा ने स्कूलों को प्रोजेक्ट तैयार कराने के निर्देश जारी किए हैं।
31 अगस्त तक कर सकेंगे पंजीयन
इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। पंजीयन कराने वाले सभी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक परियोजना के लिए दो विद्यार्थियों और एक मार्गदर्शक शिक्षक का पंजीयन आवश्यक है। जूनियर वर्ग में 10 से 14 वर्ष तथा सीनियर वर्ग में 14 से 17 वर्ष आयु के विद्यार्थी शामिल होंगे। आयु की गणना 31 दिसंबर 2026 के आधार पर की जाएगी। इच्छुक विद्यार्थी n-csc.in पर 31 अगस्त 2026 तक पंजीयन करा सकते हैं।
ये भी पढ़ें: बिहार के 3 लाख छात्रों को मिलेगा 24x7 शिक्षक का साथ, CM सम्राट चौधरी ने लॉन्च किया ‘बिहार विद्या साथी’
सततता और नवाचार पर केंद्रित होगी प्रतियोगिता
इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय 'सततता के लिए विज्ञान एवं नवाचार' रखा गया है। विद्यार्थी अपशिष्ट प्रबंधन, ऊर्जा, जल संरक्षण, कृषि, खाद्य, स्वास्थ्य तथा सतत विकास के लिए भारतीय परंपराओं के उपयोग जैसे विषयों में से किसी एक स्थानीय समस्या का चयन कर शोध पत्र अथवा प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करेंगे। पंजीकृत बाल वैज्ञानिक जिला स्तर पर परियोजना का प्रस्तुतीकरण करेंगे। जिला स्तरीय आयोजन सितंबर-अक्टूबर में होगा, जिसकी सूचना बाद में दी जाएगी। श्रेष्ठ परियोजनाओं को राज्य स्तर पर आमंत्रित किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए छिंदवाड़ा जिला समन्वयक डॉ. अभिलाषा भांगरे से 9424323999 और पांढुर्णा जिला समन्वयक भास्कर लोखंडे से 9424317104 पर संपर्क किया जा सकता है।





















