छिंदवाड़ा में जब्त रेत उठाने को लेकर विवाद, पूर्व सरपंच पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश का वीडियो वायरल

चांद क्षेत्र में अवैध रेत के कारोबार को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। चांद के मेहरा देव टेकड़ी मोहल्ला में खनिज विभाग द्वारा जब्त की गई रेत को कथित तौर पर चोरी-छिपे उठाने से रोकने के दौरान पूर्व सरपंच और ट्रैक्टर चालक के बीच विवाद हो गया। इसी दौरान पूर्व सरपंच पर ट्रैक्टर चढ़ाने के प्रयास का वीडियो सामने आया है, जो रविवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद अवैध रेत कारोबार के साथ ही खनिज विभाग द्वारा जब्त रेत की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जुलाई 2025 में जब्त हुई थी 285 घन मीटर रेत
परसगांव सर्रा की पूर्व सरपंच रीना पहाड़े के मुताबिक, मेहरा देव टेकड़ी मोहल्ला में जुलाई 2025 में खनिज विभाग ने कार्रवाई करते हुए करीब 285 घन मीटर अवैध रेत का भंडारण जब्त किया था। कार्रवाई के बाद जब्त रेत को तत्कालीन सरपंच और ग्राम पंचायत की सुपुर्दगी में रखा गया था। इसका उद्देश्य विभागीय कार्रवाई पूरी होने तक जब्त रेत को सुरक्षित रखना और उसके अवैध उठाव या परिवहन को रोकना था।
रेत उठाने की सूचना पर मौके पर पहुंचीं पूर्व सरपंच
पूर्व सरपंच रीना पहाड़े ने बताया कि उन्हें जब्त रेत को ट्रैक्टर के जरिए उठाए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद वह मौके पर पहुंचीं और रेत ले जाने से रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान ट्रैक्टर चालक और पूर्व सरपंच के बीच विवाद की स्थिति बन गई। पूर्व सरपंच का आरोप है कि ट्रैक्टर चालक ने उन्हें डराने के उद्देश्य से ट्रैक्टर आगे बढ़ाया और उन पर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास किया। घटना के दौरान बनाए गए वीडियो में विवाद की स्थिति दिखाई दे रही है। यही वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो के बाद उठे कई सवाल
वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपों की पुष्टि नहीं की जा सकती। लेकिन मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि जिस रेत को खनिज विभाग ने जब्त किया था, उसके उठाव को लेकर विवाद सामने आया है।
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जब्त रेत की निगरानी कौन कर रहा था?
मामले में सबसे बड़ा सवाल जब्त रेत की सुरक्षा और निगरानी को लेकर उठ रहा है। करीब 285 घन मीटर रेत जब्त किए जाने के बाद उसे ग्राम पंचायत की सुपुर्दगी में रखा गया था। ऐसे में सवाल है कि अगर यह रेत सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी में थी, तो उसे कथित तौर पर चोरी-छिपे उठाने का प्रयास कैसे हुआ? यह भी सवाल उठ रहा है कि अगर रेत का उठाव रोकने के लिए पूर्व सरपंच को खुद मौके पर पहुंचना पड़ा, तो जब्त खनिज की नियमित निगरानी कौन कर रहा था।
रेत कारोबारियों पर नजर होने का आरोप
पूर्व सरपंच रीना पहाड़े का आरोप है कि जब्त रेत पर अब भी रेत कारोबारियों की नजर बनी हुई है और इसे चोरी-छिपे उठाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि जब्त रेत का अवैध उठाव और परिवहन रोकना जरूरी है। यदि रेत उठाने वाले लोगों के पास खनिज विभाग की अनुमति या कोई वैध दस्तावेज नहीं था, तो इतनी बड़ी मात्रा में जब्त रेत को परिवहन करने का प्रयास भी जांच का विषय है।
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खनिज विभाग की कार्रवाई और निगरानी पर सवाल
पूरे घटनाक्रम के बाद अब निगाहें खनिज विभाग की अगली कार्रवाई पर हैं। एक तरफ क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार को लेकर लगातार शिकायतें और विवाद सामने आ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पहले से जब्त किए गए खनिज के कथित अवैध उठाव का मामला सामने आया है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभाग जब्त रेत के कथित उठाव की कोशिश, उसकी सुरक्षा व्यवस्था और वायरल वीडियो में दिखाई दे रही घटना को लेकर क्या कार्रवाई करता है।





















