हरदा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, 3 दिन बाद काम पर लौटे कर्मचारी, टिमरनी में पार्षद सुनील दुबे ने उठाई मांगों की आवाज

हरदा। मध्य प्रदेश में सफाई कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल का असर हरदा जिले के कई नगरीय क्षेत्रों में देखने को मिला। हरदा, खिरकिया, टिमरनी और सिराली में सफाई कर्मचारियों के काम बंद करने से शहरों की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई थी। त्योहार से ठीक पहले हुई इस हड़ताल के कारण जगह-जगह गंदगी जमा होने लगी थी। हालांकि, प्रदेश सरकार से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद शुक्रवार को कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया। इसके बाद शनिवार से सफाई कर्मचारी दोबारा काम पर लौट आए और शहरों में सफाई व्यवस्था बहाल होने लगी।
हरदा, खिरकिया, टिमरनी और सिराली में दिखा हड़ताल का असर
प्रदेश संगठन के आह्वान पर जिले के अलग-अलग नगरीय निकायों के सफाई कर्मचारी तीन दिनों तक हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों के काम बंद करने से नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई। त्योहार का समय होने के कारण घरों और बाजारों से निकलने वाले कचरे की मात्रा भी बढ़ गई थी। टिमरनी में भी सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल का समर्थन करते हुए काम से दूरी बना ली थी। नगर के सभी सफाई कर्मचारी एक जगह एकत्रित होकर अपनी मांगों के समर्थन में धरने पर बैठे थे।
वेतन 10,500 से बढ़ाकर 25 हजार करने की मांग
हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। धरना स्थल पर पहुंचे भाजपा पार्षद सुनील दुबे ने सफाई कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं और मांगें विस्तार से सुनीं। कर्मचारियों ने बताया कि वेतन 10,500 रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपए करने सहित चार प्रमुख मांगों को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन किया जा रहा है। इसी के समर्थन में टिमरनी के सफाई कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हुए हैं।
पार्षद सुनील दुबे ने कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि सफाई कर्मचारी शहर की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कर्मचारियों की मांगों पर संवेदनशीलता से विचार करेंगे।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद खत्म हुई हड़ताल
प्रदेशभर में चल रहे आंदोलन के बीच भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। बैठक में मांगों पर चर्चा और सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद प्रदेश के नगरीय निकायों में सफाई कार्य दोबारा शुरू हो गया। हरदा जिले में भी शनिवार से कर्मचारी अपने काम पर लौट आए।
नगर परिषद की बैठक में भी उठाया सफाई कर्मचारियों का मुद्दा
हड़ताल समाप्त होने के बाद टिमरनी नगर परिषद की बैठक में भाजपा पार्षद सुनील दुबे ने सफाई कर्मचारियों की मांगों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी ही शहर के सच्चे स्वच्छता दूत हैं। उनकी मेहनत से ही नगर को साफ और सुंदर बनाए रखना संभव है। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को शासन-प्रशासन के सामने रखने और उनके समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही सफाई कर्मचारियों से शहर की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की अपील की।
सुनील दुबे ने बताया कि उन्होंने हड़ताल के दौरान कर्मचारियों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझा और भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व को भी इससे अवगत कराया। अब कर्मचारियों की वापसी से जिले के नगरीय क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद है।




















