भोपाल का दौरा रद्द कर अचानक दिल्ली पहुंचे डॉ. नरोत्तम मिश्रा, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से की खास मुलाकात

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर दतिया को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार के करीब एक महीने बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के अचानक दिल्ली पहुंचने से राजनीतिक हलकों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है। खास बात यह रही कि उन्हें भोपाल में भाजपा पार्षद के एक कार्यक्रम में शामिल होना था, लेकिन वे वहां नहीं पहुंचे। दिल्ली में उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की।
संगठन भंग होने के बाद अब तक नहीं बनी नई टीम
नरोत्तम मिश्रा और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की मुलाकात को दतिया में उपचुनाव के बाद संगठन को लेकर चल रही कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है। दतिया में भाजपा की हार के बाद पार्टी ने अगले ही दिन बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया था। जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह को पद से हटाने के साथ पूरी जिला कार्यकारिणी भंग कर दी गई थी। मंडल समितियों, मोर्चों और विभिन्न प्रकोष्ठों की स्थानीय इकाइयों को भी समाप्त कर दिया गया था।
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भीतरघात के आरोपों के बीच जिलाध्यक्ष का इंतजार
उपचुनाव में हार के बाद संगठन में मतभेद और भीतरघात के आरोप भी चर्चा में रहे थे। इन मामलों की जांच के लिए गठित दो सदस्यीय समिति की अनुशंसा के बाद संगठन पर कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि परिणाम आने के करीब एक महीने बाद भी भाजपा दतिया में नए जिलाध्यक्ष और जिला टीम का गठन नहीं कर सकी है। ऐसे में मिश्रा की दिल्ली यात्रा को संगठनात्मक फैसलों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चुनाव से पहले भी हुई थी नेतृत्व से मुलाकात
दतिया उपचुनाव से पहले भी डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने दिल्ली में भाजपा नेतृत्व से मुलाकात की थी। टिकट कटने के बाद उन्होंने पार्टी नेतृत्व के सामने अपना पक्ष रखा था। इसके बाद उन्होंने पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहने की बात कही थी। डॉ. मिश्रा की राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात को प्रदेश में नए राजनीतिक डेवलपमेंट के रूप में देखा जा रहा है।
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