नड्डा के काफिले पर हमले के मामले में 6 साल बाद दो TMC नेता गिरफ्तार, हथियार भी बरामद

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में पुलिस ने भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर दिसंबर 2020 में हुए हमले के मामले में दो TMC नेताओं को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रिपन शेख और संजीव मंडल के रूप में हुई है। दोनों को उस्ती थाना पुलिस ने मोगराहाट पश्चिम इलाके से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक दोनों के पास से आग्नेयास्त्र भी बरामद किए गए हैं। शुरुआत में दोनों की गिरफ्तारी हथियार रखने के मामले में की गई थी। पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस को उनके करीब छह साल पुराने नड्डा के काफिले पर हमले से जुड़े होने की जानकारी मिली। मामले में अब पुलिस दोनों की कथित भूमिका की जांच कर रही है।
10 दिसंबर 2020 को हुआ था हमला
जेपी नड्डा के काफिले पर 10 दिसंबर 2020 को दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर इलाके में उस समय हमला हुआ था, जब वे भाजपा की एक कार्यकर्ता सभा में शामिल होने जा रहे थे। पुलिस और विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक काफिले को शिराकोल के पास निशाना बनाया गया था। इसके बाद फाल्टा के दोस्तीपुर इलाके में भी काफिले पर हमले की घटना सामने आई थी। उस समय काफिले में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इनमें पश्चिम बंगाल के तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष, पार्टी नेता सुकांत मजूमदार और तत्कालीन पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल थे। घटना के दौरान कई वाहनों को नुकसान पहुंचा और कुछ नेताओं के घायल होने की खबर सामने आई थी।
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पत्थर और ईंटों से हमले का लगा था आरोप
2020 की घटना के दौरान काफिले पर पत्थर और ईंटें फेंके जाने के आरोप लगे थे। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में काफिले के वाहनों के आसपास भीड़ और पथराव के दृश्य दिखाई दिए थे। एक वाहन की विंडशील्ड भी क्षतिग्रस्त हुई थी। इस घटना के बाद भाजपा और TMC के बीच तीखा राजनीतिक विवाद हुआ था। मामले में उस समय भी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था।
जांच में सामने आया दोनों का नाम
अब करीब 6 साल बाद पुलिस ने रिपन शेख और संजीव मंडल को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक जांच के दौरान दोनों के 10 दिसंबर 2020 को शिराकोल में नड्डा के काफिले पर हुए हमले से कथित संबंध की जानकारी सामने आई। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हमले के दौरान दोनों की भूमिका क्या थी और घटना में उनके साथ और कौन लोग शामिल थे। साथ ही बरामद किए गए आग्नेयास्त्रों के स्रोत की भी जांच की जा रही है।
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आरोपियों से पूछताछ जारी
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि 2020 की घटना और अब बरामद हुए हथियारों के बीच कोई संबंध है या नहीं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नड्डा के काफिले पर हुए हमले में दोनों की भूमिका क्या थी। फिलहाल उनके खिलाफ लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं और अदालत में इनका साबित होना बाकी है।




















