MP Super Industries :मप्र के कई जिलों में बनेंगी मल्टी प्रोडक्ट सुपर इंडस्ट्री, 25 औद्योगिक क्षेत्रों के लिए केन्द्र को प्रस्ताव भेजा

अशोक गौतम, भोपाल। केन्द्र सरकार भाव्या योजना ला रही है, इसके तहत देशभर में 100 मल्टी प्रोडक्ट सुपर इंडस्ट्री बना रहा है। इसके लिए राज्य सरकारों से प्रस्ताव मांगे हैं। योजना में 100 करोड़ रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए शर्त यह है कि औद्योगिक क्षेत्रों का आकार 100 एकड़ से ज्यादा होना चहिए। औद्योगिक क्षेत्रों का चयन केन्द्र सरकार के माध्यम से किया जाएगा। यह औद्योगिक क्षेत्र प्लास्टिक पार्क, रिन्यूबल एनर्जी पार्क, फूड पार्क की तर्ज पर विकसित होगा। जहां उद्योगों को उद्योग और लॉजिस्टिक से जुड़ी तमाम सुविधाएं मिलेगी। इस औद्योगिक क्षेत्रों को रेल, हाईवे, कार्गो कनेक्टिविटी से भी जोड़ने के प्रयास होंगे। उद्योगों को सस्ते दरों पर बिजली, पानी, सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
25 जिलों से भेजा प्रस्ताव
राज्य सरकार ने प्रदेश में 25 औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित करने के लिए केन्द्र के पास प्रस्ताव भेज दिया है। केन्द्र में इसके लिए एक चयन कमेटी बनाई गई है। कमेटी औद्योगिक क्षेत्रों की उपयोगिता, संभावनाएं और क्षेत्रों के आधार पर प्राथमिकता देगी। राज्य सरकार ने सागर, ग्वालियर, गुना, रीवा, उज्जैन, सीधी सहित 25 जिलों के औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए डीपीआर तैयार कर केन्द्र सरकार को भेजी हैं।
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इन पार्कों पर राज्य सरकार की उम्मीदें
मसवासी ग्रांट औद्योगिक क्षेत्र
एरिया- 1500 एकड़
सागर जिला - औद्योगिक क्षेत्र मसवासी ग्रांट में 1500 एकड़ का नया इंडस्ट्रियल एरिया है। यह मप्र के अलावा उत्तर प्रदेश की सीमा से सटा हुआ क्षेत्र है। इसको विकसित करने के बाद 24 हजार 240 करोड़ रुपए के निवेश के रास्ते खुलेंगे। यह प्रयास सीधे तौर पर 29 हजार से अधिक व्यक्तियों को रोजगार प्रदान देगा। राज्य सरकार ने स्वीकृति अनुसार वार्षिक भू-भाटक की दर केवल एक रुपए प्रति वर्गमीटर निर्धारित की है। विकास शुल्क चुकाने के लिए 20 समान वार्षिक किस्तों की सुविधा दी गई है और संधारण शुल्क 8 रुपए प्रति वर्गमीटर वार्षिक तय किया गया है। स्टाम्प और पंजीयन शुल्क में 100% प्रतिपूर्ति दी जाएगी।
विक्रम उद्योगपुरी
एरिया- 1200 एकड़
उज्जैन जिला : इसके तहत नरवर सहित आसपास के 5 गांवों की भूमि अधिग्रहित किया जाना है। विक्रम उद्योगपुरी को मेगा इंवेस्टमेंट जोन के रूप में विकसित करने की दिशा काम होगा। पार्क विकसित करने के बाद यहां 15 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। यह क्षेत्र दवा उत्पादन और निर्माण के मामले में अग्रणी बनने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा।
मोहना औद्योगिक क्षेत्र
एरिया- 518 एकड़
मुरैना जिला : मोहना औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 518 एकड़ से अधिक भूमि पर नया औद्योगिक क्षेत्र, प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किया जा रहा है। यह ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के विकास प्रस्तावों का हिस्सा है। इस क्षेत्र में निवेश आने पर इसका विस्तार भी किया जा सकता है। इस क्षेत्रों दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे से जोड़ा जाएगा। इससे माल परिवहन के लिए उद्योगों को अनुकूल होगा। यहां से मामल परिवहन के लिए चार से पांच घंटे का समय लगेगा।
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सीहोर का आष्टा
एरिया- 2471 एकड़
सीहोर जिला : सीहोर में आष्टा क्षेत्र में करीब 2471 एकड़ जमीन है। यहां गेल इंडिया ने अपने निवेश का प्रस्ताव दिया है। यह इंदौर से करीब 100 किलोमीटर दूर है। भोपाल से भी इस क्षेत्र की इतनी ही दूरी है। सरकार के पास इस क्षेत्र को कार्गो हब के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव विचाराधीन है।
सुपर इंडस्ट्री एरिया के लिए प्रस्ताव भेजे
केन्द्र सरकार प्लास्टिक पार्क, फूड पार्क जैसे सुपर इंडस्ट्री एरिया डेवलप करने के लिए एक योजना लॉन्च कर रही है। इसमें चुनिंदा और बड़े औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए प्रस्ताव बुलाए गए हैं। 25 जिलों से प्रस्ताव बुलाकर केन्द्र के पास भेजा गया है।
चंद्रमौली शुक्ला, एमडी, मप्र राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड












