भोपाल। मध्य प्रदेश इन दिनों मौसम के दोहरे प्रकोप से जूझ रहा है। एक ओर जहां कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, वहीं दूसरी ओर अचानक आए तूफान, बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान 86 से अधिक स्थानों पर बारिश दर्ज की गई, जबकि धार, राजगढ़, बैतूल, देवास, उज्जैन, अलीराजपुर और भिंड जैसे जिलों में ओलावृष्टि हुई।
इस बीच मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
प्रदेश में जहां कई जगहों पर बारिश और आंधी का असर देखने को मिला, वहीं कुछ जिलों में गर्मी भी तेज रही। खजुराहो में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया, जिससे यह प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा। वहीं मंडला, खंडवा और नरसिंहपुर जैसे जिलों में भी पारा काफी ऊंचा दर्ज किया गया।
मध्य प्रदेश का तापमान
|
शहर |
अधिकतम तापमान (°C) |
न्यूनतम तापमान (°C) |
|
खजुराहो |
38.0 |
20.4 |
|
मंडला |
39.5 |
23.6 |
|
खंडवा |
38.1 |
20.4 |
|
नरसिंहपुर |
37.8 |
21.0 |
|
दतिया |
37.0 |
19.4 |
|
भोपाल |
36.0 |
21.8 |
|
इंदौर |
35.8 |
20.6 |
|
उज्जैन |
35.5 |
19.5 |
|
पचमढ़ी |
31.4 |
18.2 |
हालांकि, कई जिलों में पिछले 24 घंटों में तापमान में गिरावट भी दर्ज की गई है, जिसका मुख्य कारण बारिश और बादल छाए रहना है।
मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवा, बिजली गिरने और बारिश की घटनाएं सामने आई हैं। इंदौर, उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर और ग्वालियर संभाग के कई जिलों में तेज तूफान आया। कई जगह खेतों में रखी फसलें उड़ गईं और बिखर गईं। सतना जिले में शनिवार सुबह तेज हवा के बाद गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। वहीं नर्मदापुरम, नरसिंहपुर और सिवनी में हल्की बारिश दर्ज की गई।
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तेज आंधी और बारिश के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। शुक्रवार रात सिवनी जिले के बरघाट के मंडी गांव में बिजली गिरने से 6 वर्षीय प्रांशु मरकाम की मौत हो गई, जबकि डूंडासिवनी के बंजारी गांव में रमजान खान की भी बिजली गिरने से जान चली गई। इस घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर न जाने की अपील की है।
बारिश और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। धार, राजगढ़, बैतूल, देवास, उज्जैन, अलीराजपुर और भिंड जिलों में ओले गिरने से खेतों में खड़ी गेहूं और अन्य फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर कटी हुई फसलें भी ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण खराब हो गईं। इसके अलावा तेज आंधी से मिट्टी के घरों और टीन के शेड की छतें भी उड़ गईं।
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मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
येलो अलर्ट (ओले और बारिश की संभावना)
ऑरेंज अलर्ट (तेज आंधी और बारिश)
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 7 अप्रैल तक मौसम का यह बदलाव बना रह सकता है। कई जिलों में 50-60 किमी प्रति घंटे की तेज हवा चल सकती है। कुछ स्थानों पर 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण यह बदलाव देखने को मिल रहा है।
मुख्य कारण-
इसके अलावा 7 अप्रैल से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी सक्रिय होने वाला है, जिससे 10 अप्रैल तक प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदलता रहेगा।
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मौसम विभाग का अनुमान है कि, अप्रैल के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में गर्मी तेजी से बढ़ेगी। ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी, नौगांव और खजुराहो जैसे जिलों में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अप्रैल और मई महीने सबसे गर्म माने जाते हैं। इस दौरान दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में गर्म हवाएं चलती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ जाता है।
इस साल फरवरी और मार्च में भी मौसम कई बार बदला।
इस वजह से किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा।
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मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।