वाराणसी दौरे के दौरान मोहन यादव का सादगी भरा अंदाजज एक बार फिर चर्चा में आ गया। शनिवार को जब उनका काफिला एयरपोर्ट की ओर बढ़ रहा था, तभी अचानक मिंट हाउस स्थित श्रीराम भंडार पर रुक गया। मुख्यमंत्री के इस ठहराव ने वहां मौजूद लोगों को चौंका दिया। इस दौरान उनका सादगी भरा अंदाज लोगों द्वारा खूब पसंद किया गया।
दुकान पर पहुंचकर सीएम मोहन यादव ने बनारस के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया। उन्होंने कचौड़ी, पूरी-राम भाजी और जलेबी का आनंद लिया। खास बात यह रही कि उन्होंने बिना किसी विशेष व्यवस्था के आम लोगों के बीच रहकर ही यह अनुभव लिया, जिससे उनका सरल और सहज व्यक्तित्व सामने आया।
मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर स्थानीय लोग बेहद उत्साहित नजर आए। कई लोगों को तो यकीन ही नहीं हुआ कि सीएम अचानक उनके बीच आ जाएंगे। लोगों ने उनसे बातचीत की और उनके इस सादगी भरे व्यवहार की खुलकर प्रशंसा की। माहौल पूरी तरह आत्मीय और उत्साह से भरा हुआ दिखा। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत भी की
सीएम मोहन यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य दानशीलता, वीरता, पराक्रम और सुशासन के प्रतीक थे, जिनका जीवन आज भी मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की राजनीतिक धारा सकारात्मक रूप से बदल रही है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश मिलकर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं, जिसमें केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना भी एक अहम कदम है।
MP सीएम ने योगी आदित्यनाथ को वैदिक घड़ी गिफ्ट की
इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह महानाट्य सिर्फ एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपने मूल्यों और आदर्शों से जोड़ने का एक बड़ा अभियान है। उन्होंने सीएम मोहन यादव की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को मजबूत करता है और देश की सांस्कृतिक एकता को नई दिशा देता है।
सीएम योगी ने काशी विश्वनाथ मंदिर की पवित्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि काशी विश्वनाथ की धरा है, वहीं उज्जैन महाकाल की नगरी है। उन्होंने कहा कि जो काल की महत्ता को नहीं समझता, उसे महाकाल स्वयं सबक सिखाते हैं। योगी ने यह भी कहा कि उज्जैन काल गणना की भूमि है, जबकि बनारस पंचांग की परंपरा का केंद्र रहा है, और इन दोनों का संगम भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिला सकता है।


कार्यक्रम के दौरान सीएम मोहन यादव ने योगी आदित्यनाथ को वैदिक घड़ी भेंट की। यह घड़ी प्राचीन वैदिक परंपराओं और आधुनिक विज्ञान का संगम है, जो काल गणना की प्राचीन पद्धति को वर्तमान में स्थापित करने का प्रयास है
वाराणसी पहुंचने पर सीएम मोहन यादव ने यहां की प्रसिद्ध राम भंडार की दुकान पर पहुंचे। यहां पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए दुकानदार से पूछा, क्या खिलाओगे उनके इस सहज व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया। इस दौरान लोगों में उन्हें करीब से देखने और बातचीत करने को लेकर खासा उत्साह देखा गया। सीएम ने बिना किसी विशेष व्यवस्था के सामान्य लोगों की तरह भोजन कर एक अलग संदेश दियएक हफ्ते में दूसरी बार काशी आने का मिला अवसर

मोहन यादव ने कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर की कृपा से उन्हें एक ही सप्ताह में दो बार काशी आने का अवसर मिला है। उन्होंने इसे अपना सौभाग्य बताते हुए शहर की आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक महत्व की सराहना की। साथ ही उन्होंने काशी में आयोजित सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित महानाट्य की भी जमकर तारीफ की।
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अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य भारतीय इतिहास के ऐसे महान शासक थे, जिनकी कीर्ति आज भी जनमानस में जीवित है। उन्होंने कहा कि विक्रमादित्य का नाम न्याय और पराक्रम का पर्याय है। इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों को उन्होंने शिक्षाप्रद और प्रेरणादायक बताया और इसके लिए राज्य सरकार व आयोजकों की सराहना की।
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