MP Weather Update : प्रदेश में अब तक 18.5 इंच बारिश, औसत से 72% ज्यादा; आज 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

MP Weather Update। मध्यप्रदेश में मंगलवार को भी तेज बारिश का सिलसिला जारी रहा। ग्वालियर, भोपाल, इंदौर समेत 25 से ज्यादा जिलों में बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश ग्वालियर में हुई, जहां 9 घंटे में 2.3 इंच पानी गिरा। इस मानसून सीजन में प्रदेश में औसतन 18.5 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 5.6 इंच (72%) ज्यादा है।
कहां-कितनी बारिश हुई?
- ग्वालियर : 3 इंच
- खरगोन : 5 इंच
- सीधी : 1 इंच
- उमरिया : 5 इंच से ज्यादा
- शाजापुर, रायसेन : तेज बारिश
भोपाल, दतिया, नर्मदापुरम, श्योपुर, शिवपुरी, मंडला, सागर, सिवनी, बालाघाट, राजगढ़, आगर-मालवा आदि जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।
बुधवार से फिर एक्टिव होगा सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार से मौसम का सिस्टम फिर स्ट्रॉन्ग हो रहा है। आज 18 जिलों में भारी या अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राहत की बात ये रही कि बीते 24 घंटे में बारिश या उससे जुड़े हादसों में कोई जनहानि नहीं हुई।
सबसे ज्यादा भीगा निवाड़ी जिला
- निवाड़ी : 103% बारिश (46 इंच), जबकि सामान्य 30.5 इंच होती है
- टीकमगढ़ : 91% (33 इंच)
- छतरपुर : 75% (28 इंच)
- शिवपुरी : 82% (25.3 इंच)
- मंडला : 75% (35 इंच)
बड़े शहरों में बारिश की स्थिति
भोपाल : 14.5 इंच
इंदौर : 7 इंच
ग्वालियर : 18.5 इंच
जबलपुर : 21.6 इंच
उज्जैन : 8 इंच
पूर्वी हिस्से में स्थिति बेहतर
जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभागों में औसत से 86% ज्यादा बारिश हुई है। वहीं, पश्चिमी हिस्सों जैसे भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में औसत से 57% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
इंदौर-उज्जैन संभाग सबसे पीछे
इंदौर और उज्जैन संभाग की बारिश की स्थिति कमजोर है। इन संभागों के 15 में से 10 जिलों में बारिश का आंकड़ा अभी 10 इंच से भी कम है।
आज इन जिलों में बारिश की चेतावनी
- अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट – रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली। यहां अगले 24 घंटे में 8 इंच तक पानी गिर सकता है।
- भारी बारिश का यलो अलर्ट – गुना, श्योपुर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट। अगले 24 घंटे में यहां साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है।
- हल्की बारिश का अलर्ट – बाकी बचे जिलों में भी हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है।











