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MP Weather Update : 48 घंटे में ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में भारी बारिश का अलर्ट, भोपाल-इंदौर में बूंदाबांदी के आसार

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MP Weather Update : 48 घंटे में ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में भारी बारिश का अलर्ट, भोपाल-इंदौर में बूंदाबांदी के आसार
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है, खासकर ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में। अगले 48 घंटों तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। वहीं अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इस बार मानसून ने प्रदेश में अब तक सामान्य से 52% अधिक वर्षा दर्ज कराई है।

    इन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट

    मौसम विभाग ने रविवार (4 अगस्त) को 9 जिलों ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। 5 अगस्त को पूरे प्रदेश में हल्की बारिश का अलर्ट है।

    किस वजह से हो रही है बारिश?

    मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश के ऊपर कोई स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय नहीं है, लेकिन टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण उत्तरी मध्यप्रदेश में दो दिन तक तेज बारिश देखने को मिलेगी। ट्रफ लाइन फिरोजपुर से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।

    प्रदेश में अब तक औसतन 30 इंच से ज्यादा बारिश

    1 जून से 2 अगस्त तक प्रदेश में औसत से 52% अधिक बारिश दर्ज हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 56% और पश्चिमी मध्यप्रदेश में 49% अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। सामान्य औसत 37 इंच के मुकाबले अब तक 30 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है।

    कौन से जिले सबसे ज्यादा भीगे?

    ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मुरैना और श्योपुर में बारिश का कोटा पूरा हो गया है। इन जिलों में सामान्य से 50% ज्यादा पानी गिरा है। सबसे ज्यादा बारिश टीकमगढ़-निवाड़ी में हुई, जबकि सबसे कम इंदौर और उज्जैन संभाग में दर्ज की गई।

    पिछले हफ्ते बनी थी बाढ़ जैसी स्थिति

    जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में पिछले सप्ताह जोरदार बारिश हुई थी। रायसेन में बेतवा नदी उफान पर आ गई थी, जिससे पुल और खेत जलमग्न हो गए थे। नर्मदा भी अभी उफान पर है और कई डैम ओवरफ्लो होकर गेट खोले जा चुके हैं।

    भोपाल का हाल

    भोपाल में अगस्त में औसतन 14 दिन बारिश होती है। अगस्त 2006 में सबसे ज्यादा 35 इंच बारिश दर्ज की गई थी। इस महीने अब तक केवल हल्की बूंदाबांदी देखने को मिली है, लेकिन आने वाले दिनों में राजधानी में भी हल्की बारिश संभव है।

    तापमान और धूल ने बढ़ाई परेशानी

    अगस्त के पहले दो दिन भोपाल समेत कई हिस्सों में तेज धूप और धूलभरी हवाओं ने लोगों को परेशान किया। ग्वालियर में पारा 32.7 डिग्री तक पहुंचा जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान पचमढ़ी में 18.8 डिग्री दर्ज हुआ।

    राहत कार्यों में जुटी सरकार

    मुख्यमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित जिलों में सर्वे जल्द पूरा करने और प्रभावितों को मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। अब तक 28.49 करोड़ रुपए की राहत राशि वितरित की जा चुकी है। 432 राहत एवं बचाव अभियानों के जरिए 3628 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।

    आने वाले दिनों में ऐसा रहेगा मौसम

    4 अगस्त: ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में भारी बारिश

    5 अगस्त: प्रदेश के सभी जिलों में हल्की बारिश का अनुमान

    6 अगस्त तक: बारिश का सिलसिला बना रहेगा, कई जिलों में जलभराव की स्थिति

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    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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