Naresh Bhagoria
2 Jan 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में इस समय कड़ाके की ठंड लोगों को कंपा रही है। रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। कई जिलों का पारा रिकॉर्ड स्तर तक लुढ़क गया है। इसी बीच बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए भोपाल और इंदौर में स्कूलों के समय में परिवर्तन किया गया है।
राजधानी भोपाल में रविवार रात नवंबर माह की अब तक की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई। यहां तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पिछले 84 साल में नवंबर का सबसे कम तापमान है। इससे पहले 30 नवंबर 1941 को पारा 6.1 डिग्री दर्ज हुआ था। ठंड को देखते हुए भोपाल जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी कर नर्सरी से 8वीं तक की सभी कक्षाओं का समय सुबह 8:30 बजे के बाद रखने के निर्देश दिए हैं।

इंदौर में भी सर्दी अपने चरम पर है। बीती रात का तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 25 वर्षों का सबसे कम तापमान है। ठंड बढ़ने के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्कूलों के समय में बदलाव करते हुए 18 नवंबर से कक्षाएं सुबह 9 बजे से शुरू करने के निर्देश दिए।
प्रदेश के लगभग सभी शहरों में रात का पारा सामान्य से काफी नीचे चला गया है। राजगढ़ में तापमान 5 डिग्री तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे कम है। ग्वालियर में 9.8 डिग्री, उज्जैन में 9.6 डिग्री एवं जबलपुर में 9.3 डिग्री दर्ज हुआ। वहीं प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी का तापमान दिन में भी 23.2 डिग्री पर रहा। IMD के अनुसार फिलहाल प्रदेश में कई जगहों पर तापमान 12 डिग्री सेल्सियस से कम बना हुआ है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों (18–19 नवंबर) के लिए पश्चिमी मध्य प्रदेश में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। इससे ठंड में और बढ़ोतरी की संभावना है। दिन का तापमान भी कई जगह सामान्य से 3–4 डिग्री कम रिकॉर्ड किया गया, जिसमें भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर प्रमुख हैं।