Shivani Gupta
2 Jan 2026
Aakash Waghmare
2 Jan 2026
Garima Vishwakarma
2 Jan 2026
Naresh Bhagoria
2 Jan 2026
मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पेयजल पीने से लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौतों का मामला सामने आया है। इस घटना में अब तक 15 लोगों की मौत की खबरें हैं, जिसके बाद राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि इस मामले में इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही नगर निगम आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने सुबह मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ दूषित पानी मामले की समीक्षा की। अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) की रिपोर्ट पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए गए।
सरकार ने अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने, प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण विभाग का प्रभार वापस लेने, नगर निगम में खाली पदों पर तुरंत नियुक्ति करने के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में सरकार ने 15 पेज की स्टेटस रिपोर्ट पेश की। इसमें आधिकारिक तौर पर कहा गया कि दूषित पानी से 4 लोगों की मौत हुई है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, करीब 200 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से 35 मरीज आईसीयू में हैं।
यह मामला इंदौर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट रितेश इनानी की जनहित याचिका पर सुना गया। याचिकाकर्ता ने सरकार की रिपोर्ट को जल्दबाजी में तैयार बताया।
हाई कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी को तय की है। सरकार की ओर से फिलहाल चार मौतों की आधिकारिक पुष्टि की गई है, जबकि अन्य मौतों को लेकर जांच जारी है।
एक हस्तक्षेपकर्ता ने कोर्ट से इस मुद्दे पर मीडिया रिपोर्टिंग रोकने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।