MP Weather Update :6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, शहडोल में आकाशीय बिजली से 3 की मौत; 30 जुलाई तक कैसा रहेगा मौसम?

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। प्रदेश में स्ट्रॉन्ग मानसूनी सिस्टम बनने से कई जिलों में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने 27 से 30 जुलाई तक कई जिलों में भारी और अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस बीच शहडोल में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले चार दिन प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का असर बना रहेगा।
6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) भोपाल के अनुसार सोमवार को उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, सागर, रीवा, सतना, नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर, विदिशा, गुना, शिवपुरी, धार, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, रतलाम, देवास समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने का अनुमान है।
शहडोल में आकाशीय बिजली का कहर
बारिश के बीच शहडोल जिले में आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक 11 वर्षीय बच्चा भी शामिल है, जबकि चार से अधिक लोग घायल हुए हैं। पहली घटना जैतपुर थाना क्षेत्र के झींक गांव में हुई, जहां धान की रोपाई कर रहे किसानों पर बिजली गिर गई। गंभीर रूप से घायल 28 वर्षीय महिला को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर नहीं मिलने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अन्य घायलों का इलाज जारी है। पुलिस ने सभी मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
प्रदेश में क्यों बढ़ेगी बारिश?
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार मध्य प्रदेश में इस समय एक साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। प्रदेश से मानसून ट्रफ गुजर रही है। इसके अलावा एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) और डिप्रेशन भी सक्रिय है। आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) भी प्रभावी होगा। इन सभी सिस्टम के संयुक्त असर से 27 से 30 जुलाई के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में भारी और अति भारी बारिश होने की संभावना है।
अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम?
27 जुलाई को उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
28 जुलाई को छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, उमरिया, डिंडौरी, मंडला और सिवनी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं बाकी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
29 जुलाई को नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं देवास, सीहोर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, दमोह, जबलपुर, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश की संभावना है।
30 जुलाई को देवास और रायसेन में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। वहीं इंदौर, उज्जैन, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, विदिशा, सागर, बैतूल, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सिवनी और जबलपुर सहित कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है।
15 प्रतिशत कम हुई मानसून की बारिश
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक 334.9 मिमी (13.2 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस समय तक 395.2 मिमी (15.5 इंच) बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब भी 60.3 मिमी यानी करीब 15 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 18 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 13 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
14 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के 14 जिलों में इस सीजन में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें भोपाल, इंदौर, सीहोर, राजगढ़, देवास, हरदा, दमोह, सिवनी, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, भिंड, बुरहानपुर और निवाड़ी शामिल हैं।
इसके विपरीत प्रदेश के 41 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश हुई है। इनमें अनूपपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, पन्ना, रीवा, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, बैतूल, ग्वालियर, नर्मदापुरम, रायसेन, उज्जैन, खंडवा, खरगोन, शिवपुरी सहित कई जिले शामिल हैं।
इटारसी में अच्छी बारिश के लिए भोलेनाथ का विशेष जलाभिषेक
बारिश की कमी से परेशान किसानों ने इटारसी के प्राचीन तिलक सिंदूर मंदिर में भगवान भोलेनाथ का विशेष जलाभिषेक किया। बम बाबा समिति द्वारा आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में शिवलिंग को पूरी तरह जल में डुबोकर अच्छी वर्षा, किसानों की समृद्धि और क्षेत्र में खुशहाली की प्रार्थना की गई। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस परंपरा से इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं और अच्छी बारिश होती है।
27 जुलाई की मौसम रिपोर्ट में क्या रहा खास?
सबसे गर्म जिले
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जिला |
अधिकतम तापमान |
|
ग्वालियर |
36.2°C |
|
खजुराहो |
36.0°C |
|
दतिया |
35.6°C |
|
सीधी |
35.6°C |
|
नौगांव |
35.0°C |
सबसे ज्यादा बारिश वाले जिले (पिछले 24 घंटे)
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जिला |
वर्षा (मिमी) |
|
सतना |
53.9 |
|
सीधी |
14.6 |
|
खंडवा |
13.0 |
|
नरसिंहपुर |
6.0 |
|
नर्मदापुरम |
3.8 |
|
खजुराहो |
1.2 |
|
पचमढ़ी |
1.0 |
|
रतलाम |
1.0 |
तापमान और आर्द्रता की प्रमुख बातें
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पैरामीटर |
जिला |
आंकड़ा |
|
सबसे अधिक तापमान |
ग्वालियर |
36.2°C |
|
दूसरा सबसे अधिक तापमान |
खजुराहो |
36.0°C |
|
सबसे कम अधिकतम तापमान |
पचमढ़ी |
27.2°C |
|
सबसे अधिक आर्द्रता |
पचमढ़ी |
100% |
|
सबसे कम आर्द्रता |
खंडवा |
52% |
जुलाई में ही होती है सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में जुलाई सबसे महत्वपूर्ण मानसूनी महीना माना जाता है। प्रदेश की कुल मानसूनी बारिश का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा इसी महीने में दर्ज होता है। प्रदेश की सामान्य वार्षिक मानसूनी बारिश 37.3 इंच है, जबकि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में सामान्य बारिश 38 से 39 इंच के बीच रहती है। इसलिए जुलाई के अंतिम सप्ताह में होने वाली बारिश पूरे सीजन की तस्वीर बदल सकती है।
क्या कहता है मौसम विभाग?
मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम अगले चार दिनों तक प्रभावी रहेगा। पूर्वी, दक्षिण-पूर्वी और मध्य मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। लोगों को नदी-नालों से दूर रहने, खुले मैदानों में बिजली गिरने के दौरान सावधानी बरतने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।











