
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 1 जुलाई से शुरू होकर 5 जुलाई तक ही चला। हालांकि तय शेड्यूल के अनुसार इसे 19 जुलाई तक चलना था। इस सत्र के दौरान कुल 14 बैठकें होनी थीं, लेकिन सत्र के पांचवे दिन ही विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। इस तरह पिछले कई सत्रों की तरह यह सत्र भी समय से काफी पहले संपन्न हो गया। हालांकि इस सत्र के दौरान प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने अपना पहला पूर्ण बजट पेश किया।
बजट से ज्यादा नर्सिंग घोटाले की चर्चा
इस सत्र के दौरान 3 तारीख को प्रदेश की नव निर्वाचित बीजेपी सरकार ने अपना पहला पूर्ण बजट पेश किया। सरकार ने इस सत्र में 3 लाख 65 हजार 67 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। लेकिन सदन के भीतर और बाहर बजट से ज्यादा चर्चा का केंद्र रहा नर्सिंग घोटाला। विपक्षी कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर जमकर हमला बोला। कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जबकि बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। हालांकि इस मुद्दे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार हंगामे की भेंट तक चढ़ गई। सत्र के पांचवे दिन सरकार द्वारा पेश किया गया बजट पारित हो गया।
19 जुलाई तक चलना था सत्र
मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 1 जुलाई से शुरू हुआ था। अधिसूचना के अनुसार इस सत्र में कुल 14 बैठकें होनी थी। मानसून सत्र में कुल 4287 प्रश्न लगाए गए थे, जिनमें 1901 ऑफलाइन और 2386 ऑनलाइन सवाल लगाए गए थे।
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