हरदा जिले में पटवारियों की हड़ताल के कारण किसानों के कामकाज अटके

हरदा। मध्य प्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर प्रदेशभर में चल रहे अनिश्चितकालीन कलमबंद आंदोलन के तहत बुधवार को दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रही। इस दौरान पटवारी संघ को भारतीय मजदूर संघ का समर्थन मिला। कृषि उपज मंडी स्थित धरनास्थल पर पहुंचे भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने आंदोलनरत पटवारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी वर्षों पुरानी और न्यायोचित मांगों के समर्थन में संगठन पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ा है।
पटवारियों को पदोन्नति से वंचित रखना न्यायसंगत नहीं
धरनास्थल पर भारतीय मजदूर संघ के नर्मदापुरम् संभाग प्रमुख जितेंद्र सोनी और जिला अध्यक्ष मुकेश धामन्देकर ने कहा कि जब प्रदेश के लगभग सभी विभागों के कर्मचारियों को समय-समय पर पदोन्नति का लाभ मिल रहा है, तब पटवारियों को इससे वंचित रखना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि पटवारियों का कैडर रिव्यू कर उन्हें शीघ्र पदोन्नति का लाभ दिया जाना चाहिए। इससे न केवल उनका मनोबल बढ़ेगा, बल्कि राजस्व कार्यों की गुणवत्ता और कार्यक्षमता में भी सुधार होगा।
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20 वर्षों से पटवारी कैडर की पदोन्नति नहीं
इस मौके पर आंदोलनरत पटवारियों ने कहा पिछले करीब 20 वर्षों से उनके कैडर की पदोन्नति नहीं हुई है। इस दौरान अन्य विभागों के कर्मचारी कई बार पदोन्नत होकर वरिष्ठ पदों तक पहुंच चुके हैं, लेकिन पटवारी आज भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। उनका आरोप है कि शासन लगातार आश्वासन देता रहा, लेकिन मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण अब प्रदेशभर के पटवारी आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए आंदोलनरत हैं और स्पष्ट कर चुके हैं कि केवल आश्वासन मिलने पर हड़ताल समाप्त नहीं होगी।
किसानों के काम हो रहे प्रभावित
पटवारियों की हड़ताल का असर अब आमजन पर भी साफ दिखाई देने लगा है। किसानों के फार्मर आईडी, नामांतरण, बंटवारा, गिरदावरी सहित राजस्व से जुड़े अनेक कार्य ठप पड़े हैं। वहीं स्कूल और कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र समय पर नहीं बन पा रहे हैं, जिससे उनकी शिक्षा और प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इसके अलावा शासन की विभिन्न भर्तियों और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर भी हड़ताल का असर पड़ रहा है।
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राजस्व व्यवस्था होगी ज्यादा प्रभावी
पटवारी संघ का कहना है कि उनकी मांगें केवल कर्मचारियों के हित तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राजस्व व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने से भी जुड़ी हैं। अब सबकी नजर शासन के अगले कदम पर टिकी है कि वह आंदोलनरत पटवारियों की वर्षों पुरानी पदोन्नति की मांग पर कब और क्या निर्णय लेता है। पटवारियों के धरना प्रदर्शन स्थल पर भारतीय मजदूर संघ के संभाग प्रमुख जितेन्द्र सोनी, जिलाध्यक्ष मुकेश धामन्दे, जिला मंत्री प्रबल पवार, कार्यालय सचिव कैलाश विश्वकर्मा पहुंचे ओर समर्थन पत्र सौंपा।












