MP High Court :मप्र के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर झूठा नामांकन देने का आरोप

जबलपुर। हाईकोर्ट में दाखिल एक जनहित याचिका में विधानसभा चुनाव में सागर से विधायक निर्वाचित हुए विधायक (खाद्य मंत्री) गोविंद राजपूत पर झूठा नामांकन पत्र दाखिल करके करीब सौ करोड़ रुपए की संपत्ति का ब्योरा छिपाने का आरोप लगा है। इस बारे में दाखिल जनहित याचिका में विधायक राजपूत पर कार्रवाई की मांग की गई है। मंगलवार को याचिका पर सुनवाई पूरी होने पर एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने फैसला सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। इससे पहले इसी मुद्दे को लेकर सागर के राहतगढ़ में रहने वाले नीरज शर्मा की ओर से दायर याचिका हाईकोर्ट खारिज कर चुकी है।
आरोप-करोड़ों की संपत्ति छिपाई
सागर जिले के रहली विधानसभा में रहने वाले राजकुमार सिंह की ओर से दाखिल याचिका में आरोप है कि वर्ष 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में गोविंद सिंह राजपूत ने गलत नामांकन पत्र दाखिल किया है। याचिका में आरोप है कि विधायक गोविंद सिंह राजपूत और उनकी पत्नी सविता गोविंद ने अपने नाम तथा ज्ञानवीर सेवा समिति के नाम पर दर्ज करोड़ों रुपए की अचल संपत्तियों की जानकारी चुनाव आयोग से छिपाई है। इस बारे में 21 मार्च 2025 को चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक कोई तर्कसंगत आदेश पारित नहीं किया गया। इस बारे में सरकार को भी शिकायतें देने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर यह याचिका दाखिल की गई।
राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता उपस्थित हुए
मामले पर मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता असीम त्रिवेदी, राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता अभिजीत अवस्थी, चुनाव आयोग की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ शर्मा, हस्तक्षेपकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय अग्रवाल, अधिवक्ता अर्पित अग्रवाल और गोविंद सिंह राजपूत की ओर से अधिवक्ता विवेक रंजन पाण्डेय ने दलीलें रखीं।
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