MP High Court :मीनाक्षी नटराजन की चुनाव याचिका पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस, तीन राज्यसभा सांसदों और चुनाव आयोग से मांगा जवाब

जबलपुर। राज्यसभा सांसद के रूप में नामांकन निरस्त होने के मामले पर कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन की चुनाव याचिका पर हाईकोर्ट ने मंगलवार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस बीपी शर्मा की सिंगल बेंच ने भाजपा के तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट के साथ चुनाव आयोग व निर्वाचन अधिकारी से जवाब तलब किया है। तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल को इसलिए नोटिस जारी किया गया, क्योंकि इस मामले पर होने वाले फैसले का असर उन दोनों के निर्वाचन पर भी पड़ेगा। चुनाव याचिका पर अगली सुनवाई 11 सितंबर को निर्धारित की गई है।
जानकारी छिपाने के आरोप में नामांकन रद्द हुआ था
गौरतलब है कि तेलंगाना में लंबित एक आपराधिक मामले और अन्य जानकारी छिपाने के आरोप में चुनाव आयोग ने मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा सदस्य चुनाव का नामांकन रद्द कर दिया था। मीनाक्षी और कांग्रेस पार्टी ने आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जहां से उन्हें मप्र हाईकोर्ट जाने की सलाह दी गई थी। इसी के चलते मीनाक्षी ने जबलपुर हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल करके भाजपा के निर्वाचित उम्मीदवार महेश केवट का निर्वाचन निरस्त करने की प्रार्थना की है।
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फायर स्टेशन के सामने पटवा की मूर्ति लगाने से क्या ट्रैफिक जाम होगा?
रायसेन जिले के मंडीदीप में फायर स्टेशन के सामने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. सुंदर लाल पटवा की मूर्ति लगाए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने मंगलवार को एक जनहित याचिका पर नोटिस जारी कर पूछा है कि क्या मूर्ति लगाए जाने से वहां की सड़क पर ट्रैफिक जाम होगा? जवाब पेश करने बेंच ने 4 सप्ताह का समय दिया है।
गलत तरीके से मूर्ति स्थापना का आरोप
यह याचिका मंडीदीप के शांति नगर में रहने वाले समाजसेवी सुनील मालवीय की ओर से दायर की गई है। आवेदक का कहना है कि मंडीदीप में फायर स्टेशन के सामने गलत तरीके से स्व. पटवा की मूर्ति स्थापित की जा रही है। आवेदक का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2013 में दिए एक फैसले में साफ तौर पर कहा है कि किसी भी सार्वजनिक स्थान, चौक या चौराहे व फायर स्टेशन के सामने मूर्ति की स्थापना नहीं की जा सकती है। बावजूद इसके मूर्ति की स्थापना की जा रही है। इस बारे में संबंधित अधिकारियों को शिकायतें देने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर यह याचिका दायर की गई। मामले पर हुई प्रारंभिक सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता नीलेश जैन ने पक्ष रखा।
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