आवारा कुत्तों के मामले में राज्य सरकार के कामों की समीक्षा करेगा हाईकोर्ट, सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट भेजी जाएगी रिपोर्ट

जबलपुर। प्रदेश में आवारा कुत्तों (स्ट्रीट डॉग्स) के आतंक से मुक्ति दिलाने और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की हाईकोर्ट समीक्षा करेगा। मामले पर 3 नवम्बर की दोपहर ढाई बजे से आगे सुनवाई की जाएगी और फिर सुप्रीम कोर्ट में 17 नवम्बर को होने वाली अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट से रिपोर्ट भी भेजी जाएगी। चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने सोमवार को यह निर्देश दिए।
सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए थे कड़े निर्देश
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर 22 अगस्त 2025 और 7 नवंबर 2025 को आवारा कुत्तों के संबंध में कई कड़े निर्देश जारी किए थे। इसके बाद 19 मई 2026 को शीर्ष न्यायालय ने देश के सभी उच्च न्यायालयों को संज्ञान लेकर जनहित याचिका दर्ज करने के निर्देश दिए थे। सुको ने कहा था कि ‘शहर आवारा कुत्तों के आतंक में, बच्चे चुका रहे हैं कीमत’ शीर्षक से दर्ज की जाने वाली जनहित याचिका पर तब तक लगातार मॉनिटरिंग की जाए, जब तक इस समस्या का ठोस समाधान नहीं हो जाता। इसी परिप्रेक्ष्य में मप्र हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर यह जनहित याचिका दर्ज की है।
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3 नवंबर को होगी अंतिम सुनवाई
इस मामले पर सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत मित्र के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रायन डिसिल्वा और अधिवक्ता सरबवीर सिंह ओबेराय से डिवीजन बेंच ने पूछा कि सरकार की रिपोर्ट के संबंध में उनके क्या सुझाव हैं। ब्रायन डिसिल्वा ने बताया कि सरकार द्वारा उठाए गए कदम संतोषजनक हैं। इस पर बेंच ने कहा कि रिपोर्ट पर 3 नवम्बर को अंतिम सुनवाई करके जरूरी निर्देश जारी किए जाएंगे।
मुख्य सचिव ने दिया है जवाब
इस मामले में राज्य के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट में जवाब दिया था। उन्होंने बताया था कि 6 महीने में 15 हजार से अधिक आवारा कुत्तों की हुई नसबंदी व टीकाकरण किया गया। सार्वजनिक परिसरों को आवारा कुत्तों से मुक्त रखने और नियमित निगरानी के लिए 1,62,622 नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। प्रदेश के 1,00,262 संस्थानों व परिसरों में बाउंड्रीवॉल और फेंसिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, ताकि श्वान अंदर न प्रवेश कर सकें। शहरी निकायों द्वारा आवारा कुत्तों को भोजन कराने के लिए 965 फीडिंग पॉइंट निर्धारित किए गए हैं। खाद्य सामग्री बेचने वाले वेंडरों को जागरूक किया जा रहा है कि वे अपने कचरे को बंद डस्टबिन में रखें और खान-पान के स्टॉल के आसपास कुत्तों को खाना न खिलाएं। साथ ही प्रदेश के 11 जिलों की 12 नगरीय निकायों में 12 श्वान आश्रय स्थल में 982 कुत्तों को पहुंचाया गया। 28 नगरीय निकायों में डॉग स्क्वाड का गठन किया गया है। वहीं 69 निकायों में 81 डॉग कैचर वाहन उपलब्ध कराए हैं।
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