मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला, पचमढ़ी वन्य जीव अभ्यारण का नाम राजा भभूत सिंह के नाम पर होगा, नर्मदा अंचल के शिवाजी को दी ऐतिहासिक मान्यता

पचमढ़ी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में पचमढ़ी में आयोजित कैबिनेट बैठक में एक बड़ा ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। अब पचमढ़ी वन्य जीव अभ्यारण का नाम बदलकर राजा भभूत सिंह के नाम पर रखा जाएगा। नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि यह निर्णय राजा भभूत सिंह की जन्म और कर्मभूमि के सम्मान में लिया गया है।
राजा भभूत सिंह को “नर्मदा अंचल का शिवाजी” कहा जाता है। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया और उनकी रणनीतियों से औपनिवेशिक शासन को चुनौती दी।
[caption id="attachment_166811" align="aligncenter" width="600"]
पचमढ़ी में सीएम डॉ. मोहन यादव एवं मंत्रिपरिषद के सदस्यों का ग्रुप फोटो।[/caption]
पचमढ़ी के राजभवन में आयोजित इस बैठक की शुरुआत राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के गायन से हुई। बैठक को राजा भभूत सिंह की स्मृति और जनजातीय समाज के कल्याण को समर्पित बताया गया।
पचमढ़ी में सीएम डॉ. मोहन यादव एवं मंत्रिपरिषद के सदस्यों का ग्रुप फोटो।[/caption]
पचमढ़ी के राजभवन में आयोजित इस बैठक की शुरुआत राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के गायन से हुई। बैठक को राजा भभूत सिंह की स्मृति और जनजातीय समाज के कल्याण को समर्पित बताया गया।
राजस्व विभाग में बड़ा प्रशासनिक सुधार
- राजस्व विभाग में 500 पदों को समाप्त कर 1200 नए पदों का सृजन किया गया है।
- इनमें IT से जुड़े पदों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
- प्रमुख राजस्व आयुक्त और आयुक्त अभिलेख के पदों को मिलाकर नया पद – कमिश्नर लैंड रिसोर्स मैनेजमेंट बनाया गया है।
महिला श्रमिकों को मिलेगा रात में काम करने का अवसर
- कैबिनेट ने महिलाओं को रात में सुरक्षित तरीके से काम करने की अनुमति देने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
- लेबर लॉ में संशोधन कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी का शोषण न हो।
- ठेका श्रमिकों की सीमा और कार्यस्थल की श्रेणियों में बदलाव के भी फैसले लिए गए।





















