MP में घर बनाना हुआ आसान!अब कई NOC से मिली राहत, बिल्डिंग परमिशन की पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

भोपाल। मध्य प्रदेश में अब मकान, दुकान या अन्य भवन बनाने की अनुमति लेना पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगा। राज्य सरकार ने बिल्डिंग परमिशन की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए कई विभागों से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) लेने की अनिवार्यता खत्म कर दी है। अब आवेदन ऑनलाइन किए जाएंगे और सभी जरूरी दस्तावेज भी डिजिटल रूप में स्वीकार होंगे। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से भवन निर्माण की मंजूरी तेजी से मिलेगी, प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और लोगों को अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।
भवन निर्माण की अनुमति अब होगी आसान
नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषदों को नए निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य भवन निर्माण अनुमति की प्रक्रिया को तेज और सरल बनाना है। सरकार चाहती है कि लोगों को अनावश्यक कागजी कार्रवाई और अलग-अलग विभागों की मंजूरी के लिए समय बर्बाद न करना पड़े। नई व्यवस्था से आम नागरिकों के साथ बिल्डर्स, निवेशकों और निर्माण एजेंसियों को भी सीधा फायदा मिलेगा।
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कई विभागों की NOC की जरूरत खत्म
नई व्यवस्था के तहत अब सहकारिता विभाग, गृह निर्माण सहकारी समितियां, नजूल विभाग और बिजली विभाग से कई मामलों में अलग से NOC लाने की जरूरत नहीं होगी। यदि किसी विशेष मामले में किसी विभाग की राय जरूरी होगी तो संबंधित अधिकारी खुद उस विभाग से संपर्क करेगा। इससे आवेदकों को अलग-अलग कार्यालयों में जाकर दस्तावेज जमा करने और मंजूरी लेने की परेशानी नहीं होगी।
7 दिन में फाइल भेजी जाएगी, 21 दिन में जवाब
यदि किसी भवन निर्माण आवेदन के लिए दूसरे विभाग की अनुमति जरूरी होगी, तो संबंधित अधिकारी आवेदन मिलने के सात दिन के भीतर मामला उस विभाग को भेजेगा। इसके बाद संबंधित विभाग को 21 दिनों के भीतर अपनी सहमति या आपत्ति देनी होगी। यदि तय समय तक जवाब नहीं मिलता है तो केवल NOC के इंतजार में आवेदन लंबित नहीं रहेगा और नियमों के अनुसार आगे की प्रक्रिया जारी रखी जाएगी।
हर आवेदन में AAI और NMA की मंजूरी जरूरी नहीं
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI), नेशनल मॉन्यूमेंट्स अथॉरिटी (NMA) और हेरिटेज क्षेत्रों से जुड़ी NOC हर आवेदन में जरूरी नहीं होगी। ऑनलाइन GIS जांच के दौरान यदि संबंधित जमीन एयरपोर्ट, संरक्षित स्मारक या हेरिटेज क्षेत्र के प्रतिबंधित दायरे में आती है, तभी ऐसी मंजूरी लेनी होगी। सामान्य क्षेत्रों में भवन बनाने वालों को इन विभागों से अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
पूरी प्रक्रिया अब डिजिटल होगी
सरकार भवन निर्माण अनुमति प्रक्रिया को पूरी तरह पेपरलेस बनाने पर भी काम कर रही है। आवेदन, दस्तावेजों की जांच और मंजूरी की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इससे आवेदक अपने आवेदन की स्थिति घर बैठे देख सकेंगे। डिजिटल व्यवस्था लागू होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और मंजूरी मिलने में लगने वाला समय भी कम होगा।
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पर्यावरण और फायर नियम पहले जैसे रहेंगे
सरकार ने साफ किया है कि पर्यावरण और अग्नि सुरक्षा से जुड़े नियमों में कोई छूट नहीं दी गई है। बड़े निर्माण कार्यों और निर्धारित श्रेणी की परियोजनाओं के लिए पर्यावरणीय अनुमति पहले की तरह जरूरी रहेगी। वहीं जिन भवनों के लिए फायर NOC अनिवार्य है, वहां राष्ट्रीय भवन संहिता के अनुसार सभी नियमों का पालन करना होगा। पेड़ काटने की अनुमति भी केवल उन्हीं मामलों में लेनी होगी, जहां वास्तव में वृक्ष हटाने की आवश्यकता होगी।











