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Bhopal Satpura Bhawan Theft: मंत्रालय के सामने हाई-सिक्योरिटी जोन में बड़ी चोरी, NIC ऑफिस के 20 AC के कॉपर वायर काट ले गए चोर

भोपाल के सतपुड़ा भवन में बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। मंत्रालय के सामने स्थित हाई-सिक्योरिटी जोन में NIC ऑफिस के करीब 20 AC के कॉपर वायर काटकर चोर फरार हो गए। है
Bhopal Satpura Bhawan Theft: मंत्रालय के सामने हाई-सिक्योरिटी जोन में बड़ी चोरी, NIC ऑफिस के 20 AC के कॉपर वायर काट ले गए चोर
भोपाल के सतपुड़ा भवन में चोरी

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंत्रालय के ठीक सामने स्थित सतपुड़ा भवन में चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाई-सिक्योरिटी जोन में बने नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) के कार्यालय और गलियारे में लगे करीब 20 एयर कंडीशनर (AC) के कॉपर वायर चोरी हो गए। हैरानी की बात यह है कि चोरों ने इस वारदात को अंजाम दिया और सुरक्षा व्यवस्था को इसकी भनक तक नहीं लगी। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के करीब 28 दिन बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। अब पुलिस चोरी करने वाले आरोपियों की तलाश के साथ ही शिकायत में हुई देरी के कारणों की भी जांच कर रही है।

सतपुड़ा भवन में कैसे हुई चोरी?

भोपाल पुलिस के मुताबिक, चोरी की यह घटना 12 से 14 सितंबर के बीच सार्वजनिक अवकाश के दौरान हुई। चोरों ने सतपुड़ा भवन की तीसरी मंजिल पर स्थित NIC कार्यालय और उसके गलियारे में लगे एयर कंडीशनर को निशाना बनाया। आरोपियों ने एसी में लगे कॉपर वायर काटकर निकाल लिए और मौके से फरार हो गए। चोरी का पता उस समय चला, जब कार्यालय खुलने के बाद कर्मचारियों की नजर एसी के वायर पर पड़ी। इसके बाद मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंची। सतपुड़ा भवन जैसे संवेदनशील प्रशासनिक परिसर में इस तरह की वारदात सामने आने के बाद सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

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चोरों ने करीब 20 AC को बनाया निशाना

इस घटना में चोरों ने किसी एक एसी को नहीं, बल्कि कार्यालय और गलियारे में लगे लगभग 20 एयर कंडीशनर के कॉपर वायर को निशाना बनाया। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि आरोपियों को वारदात को अंजाम देने के लिए पर्याप्त समय मिला होगा। हालांकि, चोरी किसने की और आरोपी परिसर के भीतर कैसे पहुंचे, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।

इस मामले में जांच के प्रमुख सवाल

सतपुड़ा भवन की तीसरी मंजिल तक आरोपी कैसे पहुंचे? करीब 20 एसी के कॉपर वायर काटने के दौरान सुरक्षा कर्मचारियों को जानकारी क्यों नहीं मिली? घटना के समय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी? गलियारों में सीसीटीवी कैमरे मौजूद थे या नहीं, और यदि थे तो क्या वे काम कर रहे थे? चोरी की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराने में 28 दिन की देरी क्यों हुई? इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही सुरक्षा व्यवस्था में संभावित खामियों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

28 दिन बाद पुलिस में शिकायत, देरी की भी होगी जांच

इस पूरे मामले में सबसे अहम पहलुओं में से एक पुलिस तक शिकायत पहुंचने में हुई देरी है। घटना सितंबर में सार्वजनिक अवकाश के दौरान हुई थी, लेकिन शिकायत करीब 28 दिन बाद दर्ज कराई गई। इतने लंबे अंतराल के कारणों की जांच भी अब की जा रही है। देरी से शिकायत मिलने पर जांच में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं। उदाहरण के लिए, संदिग्धों की आवाजाही से जुड़े रिकॉर्ड और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की उपयोगिता समय के साथ प्रभावित हो सकती है। ऐसे में पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि वारदात की जानकारी विभाग को कब मिली और शिकायत दर्ज कराने का निर्णय कब लिया गया।

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आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेन्द्र सिंह चौहान के मुताबिक, अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस सतपुड़ा भवन और उसके आसपास के रास्तों पर लगे अन्य CCTV कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। जांच का उद्देश्य संदिग्धों की पहचान करना और वारदात से जुड़े सुराग जुटाना है। पुलिस घटना के समय और उसके आसपास की गतिविधियों की जांच कर रही है। उपलब्ध फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि आरोपी किस रास्ते से आए और चोरी के बाद किस दिशा में गए।

एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने यह भी कहा है कि शिकायत और एफआईआर दर्ज कराने में हुई देरी के कारणों की जांच की जाएगी। पुलिस ने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया है, लेकिन गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी की पुष्टि आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही की जा सकेगी।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...

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