CJP Leaders Released: अभिजीत दीपके समेत 3 नेता रिहा, एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर मिली राहत

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन प्रमुख नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के बाद रिहा कर दिया। तीनों नेताओं को शनिवार को दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया था। जानकारी के मुताबिक, उन्हें शांति बनाए रखने की शर्तों पर बॉन्ड भरवाने के बाद छोड़ा गया है। उधर, जंतर-मंतर पर दोबारा प्रदर्शन के ऐलान के बीच दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। प्रदर्शन से जुड़े मामलों में 20 से ज्यादा FIR दर्ज किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के बाद मिली रिहा
कॉकरोच जनता पार्टी के तीनों नेताओं को दिल्ली पुलिस ने दिल्ली कैंट थाने में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। इसके बाद उन्हें रिहा करने का आदेश दिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह रिहाई कुछ शर्तों के साथ हुई है। पुलिस ने तीनों नेताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई की थी। इन प्रावधानों का संबंध शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा और संज्ञेय अपराधों को रोकने के लिए गिरफ्तारी से है। रिहाई के दौरान तीनों से बॉन्ड भरवाए जाने की बात सामने आई है। उन्हें एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त पर छोड़ा गया।
एयरपोर्ट से ही हिरासत में लिए गए थे तीनों नेता
कॉकरोच जनता पार्टी के तीनों नेता शनिवार को मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। उन्हें जंतर-मंतर पर पार्टी की ओर से आयोजित प्रदर्शन में शामिल होना था। हालांकि, दिल्ली पहुंचने के बाद पुलिस ने उन्हें एयरपोर्ट से ही हिरासत में ले लिया। पुलिस की यह कार्रवाई प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई निवारक कार्रवाई बताई गई। इसके बाद तीनों नेताओं को पुलिस हिरासत में रखा गया और फिर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। तीनों नेताओं की रिहाई के बाद अब सवाल यह है कि क्या कॉकरोच जनता पार्टी अपने घोषित प्रदर्शन को आगे बढ़ाएगी या पुलिस की सख्ती के बीच कार्यक्रम में बदलाव किया जाएगा। फिलहाल, इस संबंध में पार्टी के अगले कदम को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा।
प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा सख्त
जंतर-मंतर पर शनिवार को प्रदर्शनकारियों की आवाजाही रोकने के लिए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंच रहे कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस की कोशिश थी कि इलाके में भीड़ जमा न हो और कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े। प्रदर्शनकारियों के जंतर-मंतर पहुंचने के प्रयासों के बीच संसद मार्ग और कनॉट प्लेस की ओर जाने वाले रास्तों पर भी सख्ती की गई। दी गई जानकारी के मुताबिक, रविवार को भी इन इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है। प्रशासन की प्राथमिकता प्रदर्शन के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था, टकराव या सार्वजनिक आवाजाही में बाधा को रोकना है। ऐसे में जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में आने-जाने वालों को पुलिस के निर्देशों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
दिल्ली में CJP प्रदर्शन पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 7 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारी हिरासत में
20 से ज्यादा मामलों में पुलिस की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर जबरन आगे बढ़ने और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने से जुड़े मामलों में 20 से ज्यादा FIR दर्ज की हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इन मामलों में सरकारी काम में बाधा डालने, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और पुलिसकर्मियों पर हमले जैसे आरोप शामिल हैं। हालांकि, FIR दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि सभी आरोप साबित हो चुके हैं। संबंधित मामलों में जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।
BNS Section 163: जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर क्या है स्थिति?
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी और आइसा की ओर से रविवार को भी प्रदर्शन का ऐलान किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसी को देखते हुए पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी है। दी गई जानकारी के अनुसार, इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने का हवाला देते हुए पुलिस लोगों से वहां प्रदर्शन के लिए नहीं आने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रही है। संसद मार्ग की ओर जाने वाले रास्ते पर भी आवाजाही प्रतिबंधित होने की बात कही गई है।
जंतर-मंतर जाने से पहले इन बातों का ध्यान रखे
- स्थानीय पुलिस की ताजा एडवाइजरी जांच लें।
- संसद मार्ग और कनॉट प्लेस के आसपास रूट में बदलाव की जानकारी लें।
- पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड और प्रतिबंधों का पालन करें।
- किसी भी तरह के टकराव या अफवाह से बचें।
- धारा 163 लागू होने और रास्तों पर प्रतिबंध की सटीक स्थिति के लिए दिल्ली पुलिस की आधिकारिक सूचना देखना जरूरी है।
आगे क्या होगा?
अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई के बाद अब सबकी नजर कॉकरोच जनता पार्टी के अगले कदम पर है। पार्टी और आइसा की ओर से प्रदर्शन का ऐलान किए जाने के बीच पुलिस की सख्ती भी जारी है। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम में तीन बातें सबसे अहम हैं- तीनों नेताओं की शर्तों के साथ रिहाई, प्रदर्शन से जुड़े मामलों में 20 से ज्यादा FIR दर्ज होने की जानकारी और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था का कड़ा रहना।



















