PU Special :जबलपुर में साक्षरता अभियान का असर, 55 साल की सुंदो बाई अब खुद संभाल रहीं दुकान का हिसाब-किताब

हर्षित चौरसिया, जबलपुर। सुंदो बाई ने वर्ष 2024 में अक्षर साथी बसंती मरावी की मदद से साक्षरता कक्षा में पढ़ाई शुरू की और मार्च 2025 की मूल्यांकन परीक्षा पास की। जिले में निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत 24 अक्टूबर को एफएलएनएटी परीक्षा आयोजित होगी। अब तक जिले में 42 हजार शिक्षार्थियों की पहचान कर उनका पंजीयन किया जा चुका है।
साक्षर बनने के बाद खुद संभाल रहीं दुकान का हिसाब
कुंडम विकासखंड के ग्राम महगवां निवासी 55 वर्षीय सुंदो बाई, पति दुलारे राम, ने बताया कि पहले पढ़ना-लिखना नहीं आने के कारण दुकान का हिसाब-किताब करने में बहुत परेशानी होती थी। अब साक्षर होने के बाद वह अपनी किराना दुकान का पूरा लेन-देन आसानी से खुद कर लेती हैं। इसके साथ ही बैंक और दूसरे जरूरी कामों के लिए भी उन्हें किसी की मदद नहीं लेनी पड़ती।
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अक्षर साथी बसंती मरावी ने पढ़ने के लिए किया प्रेरित
सुंदो बाई ने बताया कि वह पहले पूरी तरह असाक्षर थीं। वर्ष 2024 में गांव की अक्षर साथी बसंती मरावी ने उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और साक्षरता कक्षा में उनका पंजीयन कराया। बसंती मरावी बिना किसी स्वार्थ के निःशुल्क सेवा देकर गांव के असाक्षर लोगों को साक्षर बनाने में जुटी हुई हैं।
मूल्यांकन परीक्षा पास कर बनीं आत्मनिर्भर
साक्षरता कक्षा में पढ़ाई और नियमित अभ्यास के बाद सुंदो बाई ने मार्च 2025 में आयोजित मूल्यांकन परीक्षा दी और उसमें सफल रहीं। कुंडम विकासखंड के सह समन्वयक (साक्षरता) नेतराम झरिया और उनकी टीम के लगातार मार्गदर्शन से आज वह आत्मनिर्भर बनकर अपनी दुकान का संचालन खुद कर रही हैं। अब वह अक्षर साथी की मदद से दूसरे लोगों को भी साक्षर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा की तैयारी तेज
जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण की जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी अंजली सेलेट ने बताया कि परीक्षा में अधिक से अधिक निरक्षरों को शामिल कराने के लिए जिले के सभी विकासखंडों को पहचान और पंजीयन का लक्ष्य दिया गया है। इसके तहत सर्वे दल घर-घर पहुंचकर उन निरक्षरों की जानकारी जुटाएंगे, जो अब तक साक्षरता अभियान से नहीं जुड़ पाए हैं। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को साक्षरता प्रक्रिया से जोड़ना है।
जिले में निरक्षरों की पहचान और पंजीयन जारी
जिला कोऑर्डिनेटर मनोज कुमार पांडे ने बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर जिले में 4,06,896 निरक्षरों का लक्ष्य तय किया गया था। अब तक 2,69,582 निरक्षरों का सर्वे किया जा चुका है, जिनमें से 2,30,805 शिक्षार्थी साक्षरता प्रक्रिया पूरी कर नव साक्षर बन चुके हैं। उनके अनुसार, करीब 1,02,972 निरक्षर अभी बाकी हैं, जिन्हें साक्षर बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
24 अक्टूबर को होगी एफएलएनएटी परीक्षा
जिले में निरक्षरों को साक्षर बनाने के उद्देश्य से 24 अक्टूबर को परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके लिए अब तक 42 हजार लोगों को चिन्हित कर उनका पंजीयन किया जा चुका है। एफएलएनएटी परीक्षा के माध्यम से शिक्षार्थियों के पढ़ने, लिखने और संख्यात्मकता जैसे बुनियादी कौशलों का आकलन किया जाता है। परीक्षा में सफल होने वाले शिक्षार्थियों को साक्षरता का आधिकारिक प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है।




















