रिटायरमेंट की तैयारी हुई आसान! अब PhonePe और BHIM से खोलें पेंशन खाता, जानें पूरा तरीका

रिटायरमेंट के लिए बचत शुरू करना अब पहले से आसान हो सकता है। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) की ‘तत्काल’ सुविधा PhonePe और BHIM जैसे डिजिटल पेमेंट ऐप पर उपलब्ध कराई गई है। इसके जरिए पात्र लोग ऑनलाइन प्रक्रिया से अपना NPS खाता खोल सकते हैं। पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने 6 अक्टूबर को इस सुविधा की जानकारी दी थी। इसका उद्देश्य लोगों के लिए पेंशन खाते से जुड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। इस सुविधा के तहत यूजर्स को जरूरी जानकारी भरनी होगी, पात्र बैंक खाते का चयन करना होगा और UPI के जरिए शुरुआती योगदान करना होगा। जानकारी और भुगतान का सत्यापन पूरा होने के बाद सब्सक्राइबर को परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर यानी PRAN मिल सकता है। यह नंबर NPS खाते की पहचान के लिए इस्तेमाल होता है।
PhonePe और BHIM से कैसे खोलें NPS खाता?
NPS तत्काल के जरिए खाता खोलने की प्रक्रिया को डिजिटल और आसान बनाने की कोशिश की गई है। इसके लिए यूजर्स को कुछ जरूरी चरण पूरे करने होंगे।
- NPS तत्काल विकल्प चुनें: सबसे पहले PhonePe या BHIM ऐप में देखें कि NPS खाता खोलने की सुविधा उपलब्ध है या नहीं।
- जरूरी जानकारी भरें: आवेदन के दौरान मांगी गई व्यक्तिगत जानकारी दें और पात्र बैंक खाते का चयन करें।
- शुरुआती योगदान करें: UPI के जरिए निर्धारित शुरुआती राशि का भुगतान करें। जानकारी और भुगतान का सत्यापन होने के बाद PRAN जारी किया जा सकता है।
खाता खोलने से पहले यह जरूर जांच लें कि आपका बैंक इस सुविधा के लिए पात्र है या नहीं। केवल पेमेंट ऐप से बैंक खाता जुड़ा होने का मतलब यह नहीं है कि वह NPS खाते के पंजीकरण के लिए भी योग्य होगा।
NPS खाता खोलने के लिए कितने रुपये चाहिए?
NPS तत्काल के तहत शुरुआती योगदान की राशि खाते के प्रकार के अनुसार अलग हो सकती है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, टियर-I खाते के लिए न्यूनतम शुरुआती योगदान 500 रुपये और टियर-II खाते के लिए 250 रुपये बताया गया है। भुगतान करने से पहले ऐप पर दिखाई गई राशि और लागू नियमों की जांच जरूर करें।
क्या है नेशनल पेंशन सिस्टम?
नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS एक लंबी अवधि की बचत और निवेश योजना है। इसका उद्देश्य लोगों को रिटायरमेंट के लिए पैसा जमा करने में मदद करना है। इसमें जमा की गई राशि चुने गए पेंशन फंड और निवेश विकल्प के अनुसार बाजार से जुड़े साधनों में लगाई जाती है। इसलिए NPS में मिलने वाला रिटर्न तय या गारंटीड नहीं होता। यह निवेश के प्रदर्शन और चुने गए विकल्पों पर निर्भर करता है। खाता खोलने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति, निवेश की अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता को समझना जरूरी है।
NPS के टियर-I और टियर-II खाते में क्या अंतर है?
NPS में मुख्य रूप से दो तरह के खाते होते हैं।
टियर-I खाता: यह रिटायरमेंट के लिए बनाया गया मुख्य खाता है। इसमें पैसे निकालने पर योजना के नियम और तय शर्तें लागू होती हैं।
टियर-II खाता: यह अतिरिक्त निवेश खाता है, जो पात्र टियर-I खाताधारकों के लिए उपलब्ध होता है। इसमें आम तौर पर पैसे निकालने की अधिक सुविधा होती है। हालांकि, इसकी पात्रता और निकासी से जुड़े नियम समझना जरूरी है।
खाता खोलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
डिजिटल ऐप से खाता खोलना आसान जरूर है, लेकिन इससे NPS के निवेश और निकासी के नियम नहीं बदलते। यूजर्स को यह समझना चाहिए कि पैसा कब निकाला जा सकता है, योजना से बाहर निकलने के क्या नियम हैं और निवेश में कितना जोखिम हो सकता है। सिर्फ खाता खोलना और उसमें नियमित योगदान करना दो अलग बातें हैं। रिटायरमेंट के लिए बचत करते समय अपनी जरूरतों के मुताबिक निवेश की योजना बनाएं। साथ ही, ऐप पर सुविधा की उपलब्धता, बैंक की पात्रता, शुरुआती राशि और पंजीकरण की शर्तों की पुष्टि करें। PhonePe और BHIM जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए NPS तक पहुंच आसान होने से डिजिटल माध्यम से रिटायरमेंट बचत शुरू करने का एक और विकल्प मिलता है। लेकिन निवेश करने से पहले योजना की शर्तें पढ़ना और जोखिम समझना सबसे जरूरी है।



















