मध्य प्रदेश में डॉक्टर की MBBS डिग्री फर्जी पाई गई, पूर्व BMO डॉ. सुनील सिंह पर FIR के आदेश

बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बिरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तत्कालीन खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) डॉ. सुनील सिंह की MBBS डिग्री जांच में फर्जी पाई गई है। करीब पांच महीने तक चली जांच के बाद मध्य प्रदेश शासन ने उनके खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य सेवाएं, मध्य प्रदेश की ओर से 9 अक्टूबर को जारी आदेश के बाद अब बिरसा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई है।
पांच महीने की जांच के बाद FIR दर्ज कराने के निर्देश
जानकारी के अनुसार, डॉ. सुनील सिंह की शैक्षणिक योग्यता और MBBS डिग्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच करीब पांच महीने तक चली। जांच में उनकी डिग्री को फर्जी पाए जाने की बात सामने आई। इसके बाद शासन ने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी किए। आरोप है कि डॉ. सुनील सिंह ने कथित तौर पर फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर चिकित्सकीय पद हासिल किया और लंबे समय तक स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दीं। अब शासन के आदेश के बाद मामले में FIR दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस जांच के बाद आरोपों से जुड़े अन्य तथ्य सामने आ सकते हैं।
एक नाम, दो डॉक्टर और MBBS डिग्री का विवाद
इस मामले में सबसे अहम पहलू डॉ. सुनील सिंह नाम के दो चिकित्सकों से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, देवास में भी इसी नाम के एक डॉक्टर हैं, जिन्होंने अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा से MBBS की डिग्री प्राप्त की थी। आरोप है कि बिरसा के तत्कालीन BMO ने दूसरे डॉक्टर के नाम से जुड़े विवरणों का इस्तेमाल कर कथित तौर पर फर्जी डिग्री तैयार कराई। इसमें पिता का नाम, जन्मतिथि और अन्य जानकारियों के उपयोग की बात सामने आई है।
पांच महीने से वेतन नहीं मिलने की भी चर्चा
मामले के बीच डॉ. सुनील सिंह को पिछले पांच महीने से वेतन नहीं मिलने की जानकारी भी सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, जांच के दौरान उन्हें उनके मूल पदस्थापना स्थल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दमोह भेज दिया गया था, जहां वे वर्तमान में पदस्थ बताए जा रहे हैं। सूत्रों का यह भी दावा है कि डॉ. सुनील सिंह पिछले करीब 15 दिनों से बिना सूचना दिए स्वास्थ्य केंद्र दमोह नहीं पहुंच रहे हैं। हालांकि, वेतन रोके जाने और उनकी कथित अनुपस्थिति के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
CMHO ने FIR की कार्रवाई की पुष्टि की
बालाघाट के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. शत्रुघ्न दाहिया के अनुसार, शासन के आदेश के तहत बिरसा के प्रभारी BMO डॉ. मारन ने बिरसा थाने में FIR दर्ज कराने के लिए पत्र दिया है। अब आगे की कार्रवाई पुलिस और संबंधित विभाग की प्रक्रिया के अनुसार होगी। इस मामले में यह भी महत्वपूर्ण रहेगा कि कथित फर्जी डिग्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और संबंधित पक्ष अपना क्या जवाब देते हैं।
स्वास्थ्य विभाग में मामले को लेकर हलचल
डॉक्टर की डिग्री से जुड़ा यह मामला स्वास्थ्य विभाग की भर्ती और शैक्षणिक दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े करता है। फिलहाल, शासन के निर्देश के बाद कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। पुलिस जांच और आधिकारिक बयान आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।




















