नन्हीं आंखों की रोशनी के लिए बड़ी पहल, 211 बच्चों की जांच कर भोपाल के लायंस क्लब ने पेश की मिसाल

भोपाल में बच्चों की आंखों की सेहत को लेकर एक सराहनीय पहल शुरू की गई है। कई बार बच्चों को नजर कमजोर होने या आंखों से जुड़ी परेशानी का पता समय पर नहीं चल पाता। इसी जरूरत को समझते हुए लायंस क्लब भोपाल न्यू लेक सिटी ने शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चुना भट्टी में दो दिवसीय मेगा नेत्र परीक्षण शिविर की शुरुआत की। पहले दिन ही 211 छात्र-छात्राओं की आंखों की जांच की गई, जबकि बाकी बच्चों की जांच 22 सितंबर को भी जारी रही।
स्कूल में पहुंची मेडिकल टीम, बच्चों की हुई आंखों की जांच
लायंस क्लब भोपाल न्यू लेक सिटी की ओर से 21 और 22 सितंबर 2026 को आयोजित इस विशेष शिविर का उद्देश्य स्कूल के बच्चों की आंखों की जांच कर उनकी नजर से जुड़ी समस्याओं को समय रहते पहचानना है। शिविर का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती संघमित्रा अग्निहोत्री के मुख्य आतिथ्य और जॉन चेयरपर्सन लायन पीके दुग्गल की विशेष उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन के साथ की गई। इसके बाद लायंस क्लब के अध्यक्ष लायन डॉक्टर एसएन राय और सचिव लायन डॉक्टर एलएन शर्मा ने अतिथियों और एएसजी हॉस्पिटल की मेडिकल टीम का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।
211 बच्चों का हुआ नेत्र परीक्षण
शिविर के पहले दिन स्कूल के 211 छात्र-छात्राओं की आंखों की जांच की गई। एएसजी हॉस्पिटल के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने बच्चों की आंखों का परीक्षण किया। जांच के दौरान जिन बच्चों को चश्मे की जरूरत दिखाई दी, उन्हें चश्मे के नंबर की जानकारी दी गई। साथ ही डॉक्टरों ने बच्चों और स्कूल स्टाफ को आंखों की देखभाल तथा भविष्य में होने वाली संभावित चिकित्सकीय जरूरतों को लेकर जरूरी परामर्श भी दिया। इस पहल की खास बात यह है कि शिविर केवल जांच तक सीमित नहीं रहेगा। जिन बच्चों में आंखों से जुड़ी समस्या सामने आएगी, उनके आगे के इलाज में भी मदद करने की बात लायंस क्लब की ओर से कही गई है।
जरूरतमंद बच्चों के इलाज में भी मदद का प्रयास
लायंस क्लब के अध्यक्ष लायन डॉक्टर एसके राय ने बताया कि जांच के दौरान जिन छात्र-छात्राओं में आंखों से संबंधित समस्या पाई जाएगी, उनके उपचार के लिए भविष्य में एएसजी हॉस्पिटल के माध्यम से जरूरी सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। यानी इस पहल का मकसद सिर्फ बच्चों की आंखों की जांच करना नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर उन्हें आगे की चिकित्सा सुविधा से जोड़ना भी है। सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए इस तरह की पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि समय पर आंखों की समस्या की पहचान होने से पढ़ाई पर पड़ने वाले असर को कम करने में मदद मिल सकती है।
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प्राचार्य ने की लायंस क्लब की पहल की सराहना
विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती संघमित्रा अग्निहोत्री ने लायंस क्लब की सेवा गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने शासकीय विद्यालय में बच्चों के लिए इस तरह का उपयोगी स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के लिए क्लब के पदाधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने इस पहल को बच्चों के लिए उपयोगी बताते हुए ऐसे प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया।
22 सितंबर को भी जारी रही जांच
दो दिवसीय शिविर के तहत जिन बच्चों की जांच पहले दिन नहीं हो सकी, उनकी आंखों का परीक्षण 22 सितंबर 2026 को भी जारी रहा। इस तरह अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इस स्वास्थ्य सुविधा का लाभ देने का प्रयास किया गया। लायंस क्लब के सचिव लायन डॉक्टर एलएन शर्मा ने शिविर के सफल आयोजन में सहयोग के लिए विद्यालय के स्टाफ और एएसजी हॉस्पिटल की मेडिकल टीम का आभार जताया। कार्यक्रम में क्लब के पूर्व अध्यक्ष डॉ. केके शर्मा भी मौजूद रहे। बच्चों की आंखों की जांच से शुरू हुई यह पहल सिर्फ एक दिन का स्वास्थ्य शिविर नहीं, बल्कि समय रहते उनकी आंखों की समस्याओं को पहचानने और जरूरत पड़ने पर आगे इलाज से जोड़ने की दिशा में किया गया एक उपयोगी प्रयास है।


















