बड़वानी जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही!महिला के शव पर मिली चींटियां, सिविल सर्जन ने जिम्मेदार कर्मचारी हटाया

सड़क हादसे में जान गंवाने वाली महिला के शव को पोस्टमार्टम रूम में फ्रीजर में रखने के बजाय बाहर छोड़ दिया गया।
Follow on Google News
महिला के शव पर मिली चींटियां, सिविल सर्जन ने जिम्मेदार कर्मचारी हटाया
महिला के शव को फ्रीजर में रखने के बजाय बाहर छोड़ा

मध्य प्रदेश के बड़वानी जिला अस्पताल में लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। पोस्टमार्टम रूम में एक महिला के शव को फ्रीजर में रखने के बजाय बाहर छोड़ दिया गया, जिसके कारण शव पर चींटियां लग गईं। घटना सामने आने के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई और शव की उचित देखभाल नहीं होने का आरोप लगाया। मामले की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी को हटा दिया।

घायल महिला की इलाज के दौरान मौत

जानकारी के अनुसार, नवलपुरा निवासी 58 वर्षीय राधाबाई सड़क दुर्घटना में घायल हो गई थीं। उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के पीएम रूम में रखा गया। परिजनों का आरोप है कि शव को सुरक्षित रखने के लिए फ्रीजर में नहीं रखा गया। सोमवार सुबह जब वे अस्पताल पहुंचे तो उन्होंने महिला के चेहरे और शरीर पर चींटियां देखीं। यह देखकर परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगा।

पोस्टमार्टम में देरी से भी बढ़ा विवाद

परिजनों ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम करने में भी करीब 10 घंटे की देरी की गई। उनका कहना था कि यदि शव को समय पर फ्रीजर में रखा जाता तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। विरोध बढ़ने के बाद अस्पताल के डॉक्टरों ने परिजनों से चर्चा की, पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई और शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया।

सिविल सर्जन ने माना गंभीर लापरवाही

मामले की जानकारी मिलते ही जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. मनोज खन्ना ने जांच कराई। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी ने शव को फ्रीजर में रखने के बजाय बाहर ही छोड़ दिया था। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विक्रम को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया।

MP High Court : मप्र के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर झूठा नामांकन देने का आरोप

अस्पताल में फ्रीजर मौजूद होने के बावजूद हुई चूक

सिविल सर्जन ने बताया कि जिला अस्पताल में शवों को सुरक्षित रखने के लिए फ्रीजर उपलब्ध है और वह पूरी तरह चालू स्थिति में है। उनके अनुसार, शव को बाहर रखना ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों और संबंधित जिम्मेदार स्टाफ की लापरवाही थी। उन्होंने यह भी बताया कि जिले के 10 सरकारी अस्पतालों में भी डेड बॉडी फ्रीजर उपलब्ध कराए गए हैं और सभी कार्यरत हैं।

Balrampur News: बलरामपुर में हाथी दांत तस्करी पर विभाग और WCCB की बड़ी कार्रवाई : धर्मशाला से 3 आरोपी गिरफ्तार

जांच जारी, जिम्मेदारी तय करने की तैयारी

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने अस्पतालों में शवों की देखभाल और व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts