मुरादाबाद में बारिश के बीच बड़ा हादसा,ट्रांसफार्मर में उतरे करंट से दो ई-रिक्शा चालकों की मौत

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसे में दो ई-रिक्शा चालकों की जान चली गई। मझोला थाना क्षेत्र के जयंतीपुर (शिव नगर) इलाके में जलभराव के बीच सड़क किनारे लगे ट्रांसफार्मर में करंट उतरने से यह हादसा हुआ। पहले एक ई-रिक्शा चालक करंट की चपेट में आया और उसे बचाने के लिए दौड़े दूसरे चालक की भी मौके पर गंभीर रूप से झुलसने से मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जबकि परिजनों और स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की लापरवाही को हादसे की बड़ी वजह बताया है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जलभराव के बीच हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम लगातार बारिश के कारण जयंतीपुर (शिव नगर) इलाके की सड़क पर घुटनों तक पानी भर गया था। इसी दौरान 40 वर्षीय ओमप्रकाश, जो बिलारी के रहने वाले थे, ई-रिक्शा लेकर सड़क से गुजर रहे थे। सामने से आ रहे वाहन को रास्ता देने और गड्ढे से बचने की कोशिश में उनका ई-रिक्शा सड़क किनारे लगे ट्रांसफार्मर के पास पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रांसफार्मर या उसके सपोर्ट सिस्टम में करंट उतर आया था। जैसे ही ई-रिक्शा उसके संपर्क में आया, ओमप्रकाश करंट की चपेट में आ गए और वहीं गिर पड़े।
साथी को बचाने दौड़े, खुद भी गंवा दी जान
ओमप्रकाश को करंट से तड़पता देख पास में मौजूद 35 वर्षीय राममोहन, जो बदायूं जिले के बिसौली के रहने वाले थे, उन्हें बचाने के लिए दौड़ पड़े। हालांकि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि ट्रांसफार्मर के आसपास का इलाका भी करंट की चपेट में है। जैसे ही राममोहन ने ओमप्रकाश को बचाने की कोशिश की, वह भी करंट की चपेट में आ गए। दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली आपूर्ति बंद कराई और एम्बुलेंस की मदद से दोनों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
किराये पर रहकर चलाते थे ई-रिक्शा
मृतकों की पहचान 40 वर्षीय ओमप्रकाश निवासी बिलारी और 35 वर्षीय राममोहन निवासी बिसौली (बदायूं) के रूप में हुई है। दोनों मुरादाबाद के मझोला क्षेत्र में किराये पर रहते थे और ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। हादसे की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में मातम छा गया।
बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप
घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि ट्रांसफार्मर की अर्थिंग लंबे समय से ठीक नहीं थी और पहले भी इस स्थान पर बिजली से जुड़े हादसे हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि ट्रांसफार्मर की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त होती और जलभराव की समस्या का समय रहते समाधान किया गया होता तो दो लोगों की जान बचाई जा सकती थी। हादसे के बाद लोगों में विभाग के खिलाफ नाराजगी भी देखने को मिली।
पुलिस ने शुरू की जांच
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।












