स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत पर फैसला कल, कोर्ट ने पूछा- घटना में जातिसूचक शब्द बोले थे?

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई मारपीट के मामले में जेल में बंद स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत पर अब मंगलवार को फैसला आएगा। पटियाला हाउस कोर्ट ने सोमवार को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। कोर्ट 15 सितंबर को अपना आदेश सुनाएगा। मामले की सुनवाई के दौरान SC/ST एक्ट लगाए जाने को लेकर भी पुलिस से सवाल किए गए। कोर्ट ने खास तौर पर पूछा कि क्या घटना के समय स्वतंत्र भारद्वाज ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था।
कोर्ट ने पुलिस से पूछा- जातिसूचक शब्द कब बोले गए?
सुनवाई के दौरान अदालत ने दिल्ली पुलिस से जातिसूचक शब्दों के आरोप को लेकर सवाल किया। पुलिस ने जवाब में कहा कि जब मामले की पहली शिकायत दर्ज हुई थी, तब उसमें जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का कोई जिक्र नहीं था। पुलिस के मुताबिक, बाद में दोबारा बयान दर्ज कराया गया, जिसमें जातिसूचक शब्द कहे जाने का आरोप लगाया गया। इसी आधार पर FIR में SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। अब कोर्ट को यह तय करना है कि स्वतंत्र भारद्वाज को इस मामले में जमानत दी जाए या नहीं।
फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं स्वतंत्र
स्वतंत्र भारद्वाज फिलहाल जेल में न्यायिक हिरासत के तहत बंद हैं। दिल्ली पुलिस ने उन्हें 4 सितंबर को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। शुरुआती तौर पर उन्हें पुलिस हिरासत में भेजा गया था। यह अवधि पूरी होने के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। अब उनकी जमानत याचिका पर अदालत का फैसला मंगलवार को सामने आएगा।
क्या है पूरा जंतर-मंतर मामला?
यह मामला जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज ने CJP की एक नाबालिग कार्यकर्ता के पिता के साथ मारपीट की थी। इस मामले में पीड़ित की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद मामला कुछ समय तक ज्यादा चर्चा में नहीं रहा। लेकिन बाद में एक पॉडकास्ट में स्वतंत्र भारद्वाज की ओर से इस घटना को लेकर कथित तौर पर की गई बातचीत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद मामला दोबारा चर्चा में आ गया।
पॉडकास्ट के बाद फिर गरमाया मामला
वायरल पॉडकास्ट को लेकर आरोप लगाया गया कि स्वतंत्र भारद्वाज ने मारपीट की घटना के बारे में खुद बात की थी। इसमें उनके द्वारा कथित तौर पर सिर पर हमला करने और चोट लगने की बात स्वीकार करने का दावा किया गया। पॉडकास्ट में कथित तौर पर यह भी कहा गया कि घायल व्यक्ति को सात टांके लगे थे। साथ ही राजनीतिक पहुंच की वजह से कार्रवाई से बचने की बात कहे जाने का भी दावा किया गया। पॉडकास्ट सामने आने के बाद मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की ओर से कार्रवाई की मांग तेज हो गई।
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गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचे थे नेता
वीडियो सामने आने के बाद CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद नाबालिग कार्यकर्ता के साथ संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। उन्होंने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी और मामले में SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ने की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने बुलंदशहर से स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया और बाद में उनकी गिरफ्तारी की गई।
अब सबकी नजर कोर्ट के फैसले पर
गिरफ्तारी के बाद कोर्ट की कार्रवाई आगे बढ़ी और स्वतंत्र भारद्वाज को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो चुकी है और अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है मंगलवार 15 सितंबर को कोर्ट का आदेश सामने आएगा। इसके बाद साफ होगा कि स्वतंत्र भारद्वाज को इस मामले में जमानत मिलती है या उन्हें फिलहाल जेल में ही रहना होगा। फिलहाल मामले में अदालत के अंतिम आदेश का इंतजार है और SC/ST एक्ट से जुड़े आरोप भी सुनवाई के अहम हिस्सों में शामिल हैं।




















